शनिवार को जनपद फर्रुखाबाद के कायमगंज नगर स्थित सब्जी मंडी जवाहरगंज में विश्व हिंदू परिषद और गौ रक्षा परिषद की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य कारण मौलाना जर्जिस अंसारी द्वारा पिछले दिनों दिया गया एक बेहद विवादित बयान है। मौलाना ने अपने बयान में कहा था कि भगवान श्रीकृष्ण दिन में पांच बार नमाज अदा करते थे। इस बयान के सामने आने के बाद से ही स्थानीय सनातन धर्मियों और हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश और गुस्सा देखा जा रहा है।

इतिहास के हवाले से मौलाना को दिया करारा जवाब
बैठक में उपस्थित हिंदू नेताओं ने मौलाना के दावों को पूरी तरह से खारिज करते हुए इसे सनातन धर्म की भावनाओं को आहत करने वाला बताया। विहिप नेताओं का कहना है कि हमारा सनातन धर्म युगों-युगों से चला आ रहा है, जबकि इस्लाम धर्म की स्थापना महज 620 ईस्वी में हुई थी। नेताओं ने तंज कसते हुए पूछा कि जब भगवान श्रीकृष्ण धरती पर अवतरित हुए थे, उस समय तो इस्लाम नाम था ही नहीं, तो फिर भगवान श्रीकृष्ण नमाज कैसे पढ़ सकते थे? उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है मौलाना को श्रीकृष्ण जी के बारे में कुछ ज्यादा ही गलत जानकारी हो गई है।
पुतला फूंककर विहिप ने दर्ज कराया कड़ा विरोध – कड़े एक्शन की मांग
मौलाना जर्जिस अंसारी के इस उग्र और विवादित बयान की विश्व हिंदू परिषद और गौ रक्षा परिषद ने कड़े शब्दों में निंदा की है। विरोध जताने के लिए संगठन के कार्यकर्ताओं ने कायमगंज के मुख्य चौराहे पर मौलाना का पुतला दहन किया और जमकर नारेबाजी की। बैठक और इस प्रदर्शन में मुख्य रूप से सह-जिला प्रमुख प्रदीप सक्सेना, तहसील संयोजक अनूप चौबे, आकाश राजपूत, रिंकू कौशल, शिव मंगल कौशल, संजीव कौशल, सन्नी शर्मा, शानू सक्सेना, अमित वर्मा, सत्यनाथ मिश्रा और जय सक्सेना सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी शामिल रहे।



















