जनपद फर्रूखाबाद में बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए मंडलायुक्त के. विजयान्द्र पांडियन ने सोमवार को प्रभावित क्षेत्रों का तूफानी दौरा किया। उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे राहत और बचाव कार्यों का धरातल पर निरीक्षण किया। मंडलायुक्त सदर तहसील के विकासखंड बढ़पुर स्थित बिलावलपुर के मजरा कटरी धर्मपुर पहुंचे, जहां उन्होंने बाढ़ के पानी और उससे प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री, शुद्ध पेयजल, भोजन और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पशुओं का स्वास्थ्य और एम्बुलेंस सेवाओं पर विशेष जोर
बाढ़ के दौरान बीमारियों के फैलाव को रोकने के लिए मंडलायुक्त ने स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के पशुओं को बाढ़ शरणालय स्थलों पर रखकर उनका नियमित टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही, स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए कि पास की स्वास्थ्य इकाइयों पर 102 और 108 एम्बुलेंस सेवाओं को हमेशा तैयार रखा जाए ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके। उन्होंने अधिकारियों को बाढ़ चौकी धारानगरी का भी निरीक्षण कर तैनात कर्मचारियों को सतर्क रहने की हिदायत दी।
क्षतिग्रस्त रास्तों की मरम्मत और भविष्य की कार्ययोजना
बाढ़ के कटान से सड़कों और पुलिया को हुए नुकसान का संज्ञान लेते हुए मंडलायुक्त ने अधिकारियों से तत्काल रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने कहा कि कटान से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों, पुलिया और संपर्क मार्गों का चिह्नांकन कर रिपोर्ट तैयार की जाए और मरम्मत के लिए कार्ययोजना बनाकर शासन को भेजी जाए। मंडलायुक्त ने स्थानीय ग्राम प्रधानों से अपील की कि वे ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर रहने के लिए जागरूक करें और राहत कार्यों में प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने क्षेत्र की दीर्घकालिक सुरक्षा के लिए एक ठोस कार्ययोजना तैयार कर शासन को प्रस्ताव भेजने का भी निर्देश दिया।

बाढ़ शरणालय का निरीक्षण और राहत सामग्री का वितरण
अपने दौरे के अंतिम चरण में मंडलायुक्त ने रहमानिया कन्या इंटर कॉलेज में बनाए गए बाढ़ शरणालय का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने वहां शरण लिए हुए लोगों से मुलाकात की और उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों को सूखी राहत सामग्री का वितरण किया और उन्हें भरोसा दिलाया कि शासन और जिला प्रशासन इस कठिन समय में हर कदम पर उनके साथ खड़ा है।

























