जनपद फर्रूखाबाद के कंपिल थाना क्षेत्र के गांव धर्मपुर गांव से साल 2022 में सामने आई एक सनसनीखेज वारदात में अदालत का बड़ा फैसला आया है। आरोपी प्रमोद यादव उर्फ बौना ने गांव की ही 17 साल की एक नाबालिग किशोरी को शादी का झूठा सपना दिखाया और बहला-फुसलाकर अपने साथ ले भागा। भागते समय किशोरी अपने घर में रखे 30 हजार रुपए नकद और सोने-चांदी के जेवर भी साथ ले गई थी। जब काफी खोजबीन के बाद भी बेटी का कोई अता-पता नहीं चला, तो परेशान पिता ने आरोपी के परिवार से मिन्नतें कीं, लेकिन उन्होंने टालमटोल कर मामला टाल दिया।
गुरुग्राम के कमरे में 12 दिनों तक किया शोषण
आखिरकार पीड़ित पिता ने 11 जून 2022 को कंपिल थाने में बेटी के अपहरण, धमकी और गाली-गलौज की गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई। मामला दर्ज होते ही एक्शन में आई पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया। पीड़िता ने अदालत के समक्ष दिए अपने बयानों में आपबीती सुनाते हुए बताया कि आरोपी प्रमोद उसे बहला-फुसलाकर गुरुग्राम ले गया था। वहां उसने एक किराए का कमरा लिया और किशोरी को पूरे 12 दिनों तक बंधक बनाकर रखा, जहां उसने लगातार उसके साथ दुष्कर्म किया।
कोर्ट का सख्त चाबुक, दोषी को मिली आखिरी सांस तक की सजा
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पीड़िता के मेडिकल परीक्षण के आधार पर मुकदमे में दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट और एससी/एसटी एक्ट की धाराएं बढ़ाईं। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट)-01 मेराज अहमद की अदालत में पूरी हुई। अदालत ने प्रस्तुत सबूतों, मेडिकल रिपोर्ट और पीड़िता के बयानों को आधार मानते हुए प्रमोद यादव को दोषी ठहराया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं साक्ष्यों के अभाव में आरोपी के बड़े भाई देवेंद्र को बरी कर दिया गया।



















