जनपद फर्रुखाबाद के लोगों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की मेहनत की बदौलत डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में नवनिर्मित ट्रॉमा सेंटर पूरी तरह से चालू कर दिया गया है। यहां की ओपीडी और ऑपरेशन थिएटर में काम शुरू हो गया है। सबसे खास बात यह रही कि अस्पताल के नए क्रिटिकल केयर ब्लॉक में पहला जटिल ऑपरेशन भी बिल्कुल सुरक्षित तरीके से पूरा कर लिया गया है। इस नई शुरुआत से अब जिले के मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
हरदोई की 18 साल की राखी को मिला नया जीवन
इस क्रिटिकल केयर ब्लॉक का पहला सफल ऑपरेशन पड़ोसी जनपद हरदोई निवासी 18 साल की राखी का हुआ। राखी बीते तीन सालों से सीने में गांठ की गंभीर समस्या से जूझ रही थी। कई जगह भटकने के बाद भी जब आराम नहीं मिला, तो परिजन उसे लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टरों की एक खास टीम बनाई गई और जांच के बाद सर्जन डॉ. रोहित तिवारी ने ऑपरेशन करने का फैसला लिया। अत्याधुनिक मशीनों से लैस ओटी में यह सर्जरी पूरी तरह कामयाब रही और अब मरीज की हालत बिल्कुल ठीक है।

बड़े शहरों जैसी सुविधाएं अब फर्रुखाबाद में ही
स्वास्थ्य विभाग का साफ कहना है कि उनका लक्ष्य फर्रुखाबाद के लोगों को लखनऊ या दिल्ली जैसे बड़े शहरों जैसी आधुनिक और बेहतर डॉक्टरी सुविधाएं यहीं मुहैया कराना है। ट्रॉमा सेंटर और क्रिटिकल केयर ब्लॉक के शुरू होने से न केवल फर्रुखाबाद, बल्कि आसपास के जिलों के गंभीर मरीजों को भी वक्त पर सही इलाज मिल सकेगा। सड़क हादसों के शिकार या आपातकालीन स्थिति वाले मरीजों के लिए यह सेंटर किसी वरदान से कम साबित नहीं होगा।
डॉक्टरों की टीम ने पेश की मिसाल
इस ऐतिहासिक कामयाबी में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ का तालमेल काबिले तारीफ रहा। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जगमोहन शर्मा, सर्जन डॉ. रोहित तिवारी और स्टाफ नर्सों की टीम ने मिलकर इस मुश्किल सर्जरी को अंजाम दिया। सफल ऑपरेशन के बाद स्वास्थ्य अधिकारियों ने पूरी टीम के समर्पण और बेहतरीन काम की जमकर तारीफ की। आधुनिक संसाधनों और समर्पित डॉक्टरों के दम पर फर्रुखाबाद की स्वास्थ्य सेवाएं अब एक नया मुकाम हासिल कर रही हैं।



















