शुक्रवार को जनपद फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया जब उप परिवहन आयुक्त रामरतन सोनी की अगुवाई में एक बड़ी टीम अचानक सड़कों पर उतर आई। टीम ने टेम्पो, ई-रिक्शा और प्राइवेट गाड़ियों से स्कूल आ-जा रहे बच्चों की सुरक्षा को परखने के लिए जोरदार चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान आरटीओ-प्रवर्तन राहुल श्रीवास्तव, सीओ ट्रैफिक अभय वर्मा, एआरटीओ सुभाष राजपूत और स्थानीय पुलिस अधिकारी खुद मोर्चे पर डटे रहे। अधिकारियों की इस अचानक हुई एंट्री से नियम तोड़ने वाले चालकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय के पास गाड़ियों की ली गई पूरी खबर
यह पूरी कार्रवाई पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, आरआरसी फतेहगढ़ और कैंट इलाके के आसपास केंद्रित रही। चेकिंग टीम ने बच्चों को ला रहे ऑटो, ई-रिक्शा और मारुति वैन को रोककर उनके फिटनेस, परमिट, बीमा और कागजातों की बारीकी से जांच की। इसके साथ ही गाड़ियों में ठूंस-ठूंसकर बैठाए गए बच्चों की संख्या पर भी सख्त नजर रखी गई। कागजों में कमी और क्षमता से ज्यादा बच्चे बैठाने के जुर्म में टीम ने मौके पर ही 24 वाहनों के चालान काटे और 20 अनफिट स्कूली वाहनों को सीज कर दिया।
दो महीने की कार्रवाई का रिपोर्ट कार्ड और आगे की चेतावनी
फर्रुखाबाद में बच्चों की जान से खिलवाड़ रोकने के लिए विभाग पिछले दो महीनों से लगातार एक्टिव है। इस दौरान 51 स्कूली वाहनों का चालान कर 23 को सीज किया गया, जिससे 4.53 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। वहीं, बिना परमिट चल रहे 10 प्राइवेट वाहनों और ओवरलोडिंग कर रहे 07 वाहनों पर भी शिकंजा कसा गया। सबसे बड़ी बात यह रही कि कागजों में चल रहे 22 फर्जी वाहनों का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि यह तो बस शुरुआत है; कानपुर देहात, कन्नौज, औरैया और कानपुर नगर की टीमें आगे भी ऐसा ही सरप्राइज चेकिंग अभियान चलाती रहेंगी।



















