कायमगंज के नियामतपुर ढिलावली गांव में गुरुवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब 35 वर्षीय राजकुमार की अचानक हालत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। परिजन उसे तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही गांव और परिवार में रोना-पीटना शुरू हो गया।

कंधे के दर्द पर इंजेक्शन लगवाने गया था राजकुमार
परिवार वालों के अनुसार, राजकुमार के बाएं कंधे में कई दिनों से दर्द था। इसी परेशानी के चलते वह अपने भतीजे सूरज के साथ कायमगंज रेलवे रोड स्थित एक निजी डॉक्टर (झोला छाप) के पास दवा लेने गया था। परिजनों का आरोप है कि जैसे ही डॉक्टर ने इंजेक्शन लगाया, कुछ ही मिनट में राजकुमार की हालत खराब होने लगी।

इंजेक्शन लगते ही बिगड़ने लगी तबीयत, रास्ते में टूट गई सांस
परिजन बताते हैं कि इंजेक्शन लगते ही राजकुमार की सांसें तेज होने लगीं और वह बेहोश होकर गिर पड़ा। घबराए हुए परिजन उसे तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर भागे, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी सांसें थम चुकी थीं। डॉक्टर अमरेश ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

परिवार की जिम्मेदारी उठाने वाला था राजकुमार, घर में मचा मातम
राजकुमार मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। उसकी मौत के बाद पत्नी गुड्डन देवी, मां शारदा देवी और तीन छोटे बच्चे—देव कुमार (10), निलेश (8) और पीयूष (5) अकेले रह गए हैं। परिवार में रो-रोकर बुरा हाल है। राजकुमार पांच भाइयों में तीसरे नंबर पर था।

डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप, पुलिस ने शुरू की जांच
मौत की जानकारी मिलते ही एसआई शमीमुद्दीन अपने दल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों ने निजी डॉक्टर पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।













