कायमगंज में भारतीय किसान यूनियन (अखंड प्रदेश) का धरना मंगलवार को भी जारी रहा। किसानों ने साफ कहा कि जब तक उनकी सभी मांगे पूरी नहीं होतीं, वे पीछे नहीं हटेंगे। प्रशासनिक अफसरों की समझाने की कोशिशों के बाद भी किसान टस से मस नहीं हुए।

अफसरों ने की बातचीत, किसानों ने ठुकराया समझौता प्रस्ताव
धरना स्थल पर पहुंचे उप जिलाधिकारी अतुल कुमार सिंह, नायब तहसीलदार अनवर हुसैन, क्षेत्राधिकारी राजेश कुमार द्विवेदी और कोतवाली प्रभारी मोहम्मद कामिल खान ने किसानों से बातचीत की और धरना खत्म करने की अपील की। लेकिन किसानों ने साफ कहा, “पहले हमारी मांगे पूरी करो, फिर धरना खत्म करेंगे।” वहीं सोमवार रात धरना स्थल पर एक किसान नेता की तबीयत बिगड़ गई थी, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।

फीस वसूली और जमीन कब्जे पर भी भड़के किसान
किसान संगठन ने कन्या विद्यापीठ इंटर कॉलेज, कायमगंज में छात्रों से तय मानक से अधिक फीस वसूलने का आरोप लगाया है। उन्होंने मांग की है कि प्रधानाचार्य के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाए। साथ ही, ग्राम सभा शिवरई मठ में अंबेडकर भूमि पर दबंगों द्वारा अवैध कब्जे का मामला उठाया गया। किसानों ने प्रशासन से भूमि को कब्जामुक्त कराने की मांग रखी।

अतिक्रमण और बिजली खंभे लगाने की उठी मांग
किसान नेताओं ने ट्रांसपोर्ट चौराहा से रेलवे स्टेशन तक फैले अतिक्रमण पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि 14 सितंबर 2023 को जिलाधिकारी ने अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे, लेकिन नगर पालिका ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। इसके अलावा, किसानों ने गांव झाब्बूपुर के मजरा लटूर नगर में शीघ्र बिजली खंभे (बच) लगाए जाने की भी मांग रखी ताकि ग्रामीणों को सुविधा मिल सके।

किसानों की चेतावनी – अगर मांगे नहीं मानीं तो आंदोलन होगा तेज
किसान नेताओं ने साफ चेतावनी दी कि अगर जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को जिला स्तर से राज्य स्तर तक विस्तारित किया जाएगा।













