Farrukhabad News : जनपद फर्रूखाबाद में वाहन चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत शमशाबाद थाना पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम को बड़ी सफलता हासिल हुई है। पुलिस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बाइक चोरी करने वाले गिरोह के दो शातिर अभियुक्तों को सुतेहड़ी तिराहे के पास से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए अभियुक्तों के कब्जे से चोरी की गई मोटरसाइकिलें और स्पेयर पार्ट्स बरामद किए गए हैं। पुलिस लाइन में एएसपी गिरीश कुमार सिंह ने प्रेस वार्ता कर पूरे मामले का औपचारिक खुलासा किया।

शौक और लत पूरी करने के लिए करते थे वाहन चोरी
पुलिस द्वारा की गई कड़ी पूछताछ में दोनों अभियुक्तों ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि वे अपने व्यक्तिगत खर्च, शौक और नशे की लत को पूरा करने के लिए वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान जनपद शाहजहांपुर के थाना जलालाबाद के गांव अफतियापुर निवासी छोटेलाल के 19 वर्षीय पुत्र लेखराज और शमशाबाद थाना क्षेत्र के गांव बेला बरई निवासी हरपाल सिंह के 22 वर्षीय पुत्र हरि ओम के रूप में हुई। अभियुक्तों ने बताया कि वे भीड़भाड़ या सूनसान इलाकों से वाहन चुराकर उन्हें बेचने की फिराक में रहते थे।
अभियुक्तों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड और बरामदगी
अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार दोनों अभियुक्तों का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है। अभियुक्त लेखराज पर पूर्व में तीन और हरिओम पर दो आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस टीम ने अभियुक्तों की निशानदेही पर हीरो स्प्लेंडर और स्प्लेंडर प्लस श्रेणी की मोटरसाइकिलें संख्या UP76AQ4134, UP82AZ4147 व एक मोटरसाइकिल का इंजन संख्या HA10AGHHFB9870 बरामद किया है। बरामद वाहनों में से एक का संबंध नोएडा क्षेत्र में दर्ज मुकदमे से पाया गया है, जबकि अन्य के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।

न्यायालय में पेशी के बाद भेजा गया जेल
कानपुर जोन के उच्च अधिकारियों के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक सचिन सिंह चौधरी, उपनिरीक्षक हरीश कुमार, अनुज कुमार सिंह व पुलिस टीम द्वारा यह सफल कार्रवाई पूरी की गई। पुलिस ने मामले से संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर दोनों अभियुक्तों को सक्षम न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से आदेश मिलने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए आगे भी ऐसे अभियान निरंतर जारी रहेंगे।

























