जनपद फर्रुखाबाद में स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत परखने और मरीजों को बेहतर सुविधाएं दिलाने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने शनिवार को पांच स्वास्थ्य केंद्रों का अचानक निरीक्षण किया। इस औचक निरीक्षण के दौरान कहीं व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलीं, तो कई जगहों पर चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी अपनी ड्यूटी से नदारद पाए गए। कुछ कर्मचारी तो सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना ही प्रतिकर अवकाश पर चले गए थे। सीएमओ ने इस लापरवाही को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए गैरहाजिर कर्मचारियों का वेतन काटने और उनसे स्पष्टीकरण तलब करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।

पांच स्वास्थ्य केंद्रों की जमीनी हकीकत का लिया जायजा
सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय ने सीएचसी नवाबगंज, पीएचसी अचरा खलवारा, पीएचसी अचरिया बाकरपुर, पीएचसी संकिसा और पीएचसी पखना का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की बायोमेट्रिक व रजिस्टर उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता, साफ-सफाई और मरीजों को दी जाने वाली सुविधाओं की गहन जांच की। निरीक्षण की खबर फैलते ही पूरे स्वास्थ्य महकमे में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सीएचसी नवाबगंज में नियमित कर्मचारियों में डेंटल हाइजीनिस्ट अमित कुमार, लैब असिस्टेंट धीरेन्द्र प्रताप सिंह और वार्ड बॉय राहुल कुमार अनुपस्थित पाए गए। इसके अलावा संविदा कर्मचारियों में ऑप्टोमेट्रिस्ट आरबीएसके रतन देव, स्टाफ नर्स एनसीडी आरती, लैब टेक्नीशियन अमृता सिंह और एनसीडी काउंसलर मंजू कुमारी भी ड्यूटी से गायब मिलीं। इस पर सीएमओ ने सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल प्रभाव से वेतन काटने और नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

बिना अनुमति छुट्टी पर जाने और अनुपस्थिति पर सख्त रुख
निरीक्षण के अगले चरण में पीएचसी अचरा खलवारा पहुंचे सीएमओ को फार्मासिस्ट प्रेम चंद्र तो उपस्थित मिले, लेकिन स्टाफ नर्स अंकुर कुमार, लैब टेक्नीशियन आज्ञाराम और एएनएम सुहानी बिना किसी उच्च अधिकारी की स्वीकृति के प्रतिकर अवकाश पर पाए गए। सीएमओ ने स्पष्ट किया कि बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के अवकाश लेना सेवा नियमों का उल्लंघन है। इसके बाद पीएचसी संकिसा के निरीक्षण के दौरान हालात और भी चिंताजनक मिले, जहां एएनएम ममता यादव, फार्मासिस्ट सुरेंद्र कुमार, एमओ डॉ. अशोक कुमार और डॉ. प्रभात त्रिपाठी बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहे। वहीं पीएचसी पखना में डीएवी/आईएमओ प्रियंक पांडेय अनुपस्थित पाए गए, जबकि कैलाश बाबू और अंजली शाक्य बिना किसी सूचना के प्रतिकर अवकाश पर थे। सीएमओ ने इन सभी मामलों में जवाब तलब करते हुए विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए। राहत की बात यह रही कि पीएचसी अचरिया बाकरपुर में सभी कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर तैनात मिले, जहां सीएमओ ने व्यवस्थाओं पर संतोष जताया।

मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, जारी रहेगा अभियान
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात चिकित्सकों और कर्मचारियों की समयबद्ध उपस्थिति सीधे आम जनता और मरीजों के स्वास्थ्य से जुड़ी है। किसी भी स्तर पर लापरवाही या बिना अनुमति ड्यूटी से गायब रहने की परिपाटी को कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने केंद्रों पर दैनिक उपस्थिति की नियमित निगरानी करें और ढिलाई बरतने वालों के खिलाफ तुरंत रिपोर्ट भेजें। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्वास्थ्य विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता जिले के अंतिम व्यक्ति तक समय पर गुणवत्तापूर्ण इलाज, जांच और दवाएं पहुंचाना है। इसके लिए सभी कर्मचारियों को पूरी निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि औचक निरीक्षण का यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा ताकि सरकारी स्वास्थ्य प्रणाली को और अधिक पारदर्शी व मजबूत बनाया जा सके।

























