जनपद फर्रूखाबाद के कायमगंज कोतवाली पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। बता दें कि पुलिस ने 35 साल पुराने चर्चित गांव लखनपुर नरसंहार के मामले में 28 सालों से फरार चल रहे दोषी किरोशी लाल को आखिरकार धर दबोचा। पुलिस ने उसे गुप्त सूचना के आधार पर बिरियन तिराहे से गिरफ्तार किया। आरोपी जमानत पर छूटने के बाद साल 1996 से ही पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था।
नोएडा में फर्जी नाम से दर्जी का काम कर रहा था किशोरी लाल
सीओ राजेश कुमार द्विवेदी और प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार शुक्ला की अगुवाई में हुई इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया। पकड़ा गया दोषी किरोशी लाल कायमगंज के लखनपुर का ही रहने वाला है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए एटा का फर्जी पता बनवाया था और नोएडा में ‘दीपक’ नाम से दर्जी की दुकान चला रहा था।
1991 का वो खौफनाक हत्याकांड, जिसने हिला दी थी रुह
मामला 11 अगस्त 1991 की रात का है। लखनपुर गांव में गुलजारी लाल, उनकी पत्नी रामवती, तीन बेटों (राकेश, उमेश, धर्मेंद्र) और पड़ोसी बाबूराम की धारदार हथियारों से बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस नरसंहार में गांव के श्रीकृष्ण, राम सेवक और किशोरी लाल को आरोपी बनाया गया था, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट से आजीवन कारावास की सजा मिली थी।
न्याय की आस में बिक गई 9 बीघा जमीन, परिवार को मिला सुकून
पीड़ित परिवार के सदस्य मदन लाल ने बताया कि जब वारदात हुई तब वह महज 6 साल के थे और चारपाई के नीचे छिपकर जान बचाई थी। इंसाफ पाने की इस लंबी कानूनी लड़ाई में परिवार की 9 बीघा जमीन तक बिक गई। अब 28 साल बाद आरोपी की गिरफ्तारी होने पर पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली है और पुलिस का शुक्रिया अदा किया है।


















