मंगलवार को जनपद फर्रुखाबाद के कमालगंज थाना क्षेत्र गांव गंगापार सवासी में झोलाछाप डॉक्टर हरिनाम उर्फ पप्पू यादव (48) का शव संदिग्ध हालात में बरामद हुआ। बता दें कि, हरिनाम सोमवार शाम करीब चार बजे घर से यह कहकर निकले थे कि वह अपनी झोपड़ी पर जा रहे हैं। लेकिन इसके बाद वह देर रात तक वापस नहीं लौटे। परिजन उनकी तलाश में जुटे रहे, मगर कोई सुराग नहीं मिला।

खेत में अकड़ा पड़ा मिला शव, शरीर पर चोट और गले में कसा था अंगोछा
मंगलवार सुबह करीब आठ बजे झोपड़ी से 700 मीटर दूर नारायण के खेत में हरिनाम का शव पड़ा देखकर गांव वालों के होश उड़ गए। शव पूरी तरह मिट्टी से सना हुआ था और गला दबाने के लिए अंगोछा बुरी तरह कसा गया था। सिर और आंख पर गंभीर चोट के निशान थे तथा शव अकड़ चुका था। मौके पर उनकी डायरी, पेन, चप्पलें और एक मोटी लकड़ी का टुकड़ा भी मिला, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि हत्या से पहले उनके साथ जमकर मारपीट की गई थी।
700 मीटर तक घसीटा गया शव, अंधेरा होते ही वारदात को दिया अंजाम
घटनास्थल के हालात देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि कातिलों ने अंधेरा होते ही शाम के वक्त वारदात को अंजाम दे दिया था। झोपड़ी से कुछ दूरी तक शव को घसीटे जाने के स्पष्ट निशान मिले हैं। रास्ते में ही हरिनाम का पेन और डायरी गिर गई थी। कीचड़ में उनका मोबाइल भी पड़ा मिला, जिसमें आखिरी कॉल शाम 4 बजे की दर्ज थी और फोन फ्लाइट मोड पर लगा हुआ था।

पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने जुटाए सुराग, 4 संदिग्धों से पूछताछ जारी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर बारीकी से साक्ष्य जुटाए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी सिर-आंख पर चोट और गला घोंटने से मौत की पुष्टि हुई है। अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह और क्षेत्राधिकारी आलोक सिंह ने घटनास्थल का मुआयना किया। एसपी ने बताया कि मृतक को आखिरी बार शाम को कैलाश के घर के सामने देखा गया था। फिलहाल शक के आधार पर गांव के ही चार संदिग्धों को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की जा रही है, जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।


















