मंगलवार को जनपद फर्रुखाबाद के कैंट इलाके में उस समय हड़कंप मच गया, जब बकाया मानदेय को लेकर सफाई कर्मचारियों का धैर्य जवाब दे गया। पिछले दो महीने से सैलरी न मिलने, 10 महीने का ईपीएफ (EPF) और बोनस अटका होने की वजह से संविदा सफाई कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा। ‘छावनी परिषद सफाई कर्मचारी संघ’ के बैनर तले सभी कर्मचारियों ने परिषद कार्यालय के मुख्य द्वार को घेर लिया और जोरदार धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।

‘घर चलाना हुआ मुश्किल’, 10 अगस्त से भूख हड़ताल का अल्टीमेटम
प्रदर्शन के दौरान संघ के महामंत्री निर्देश कुमार ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि समय पर सैलरी न मिलने से बच्चों की स्कूल फीस, घर का राशन और रोजमर्रा के जरूरी खर्चे पूरे करना बेहद कठिन हो गया है। कर्मचारियों ने प्रशासन को साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि 10 अगस्त तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर होंगे।
छावनी अध्यक्ष का बड़ा एक्शन, ठेकेदार पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
हंगामे की खबर मिलते ही प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई। स्टेशन कमांडेंट और छावनी परिषद अध्यक्ष ब्रिगेडियर मनीष जैन ने कर्मचारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इसके बाद उन्होंने अधिशासी अधिकारी (EO) अनिंदा डे को निर्देश दिया कि 1 अगस्त तक लंबित मानदेय का भुगतान कराया जाए। उन्होंने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि यदि ठेकेदार भुगतान में टालमटोल करता है, तो उसके खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाए।


















