सोमवार को जनपद फर्रूखाबाद के कायमगंज स्थित उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल (उत्तर प्रदेश) ने जीएसटी विभाग द्वारा व्यापारियों के कथित उत्पीड़न और मनमानी के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। संगठन के जिलाध्यक्ष एवं संयुक्त प्रदेश महामंत्री संजय गुप्ता के नेतृत्व में व्यापारियों ने उपायुक्त जीएसटी विभाग फतेहगढ़ के माध्यम से देश की केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को एक 12 सूत्रीय मांग पत्र भेजा है। व्यापारियों का कहना है कि राजस्व मिलने के बावजूद अधिकारी अपनी मनमर्जी से कानून तोड़कर व्यापारियों को परेशान कर रहे हैं।
सचल दस्तों की कार्रवाई और छोटे कारोबारियों पर दबाव पर नाराजगी
व्यापारियों का आरोप है कि सचल दस्तों द्वारा पूरा टैक्स जमा होने के बावजूद केवल तकनीकी कमियों और मानवीय भूलों का बहाना बनाकर भारी जुर्माना वसूला जा रहा है, जिससे भारी भ्रष्टाचार पनप रहा है। इसके अलावा, जीएसटी अधिनियम के तहत 40 लाख रुपए तक के टर्नओवर वाले छोटे व्यापारियों को रजिस्ट्रेशन से छूट प्राप्त है, लेकिन विभागीय अधिकारी अपना सरकारी टारगेट पूरा करने के लिए कम टर्नओवर वाले छोटे कारोबारियों को भी जबर्दस्ती जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराने के लिए बाध्य कर रहे हैं।

ई-वे बिल और रिफंड प्रक्रिया में आ रही व्यावहारिक दिक्कतें
ज्ञापन में ट्रांसपोर्टेशन और ई-वे बिल की व्यावहारिक समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया है। जब लंबी दूरी का सामान ट्रांसपोर्टर द्वारा दूसरे ट्रक में लोड किया जाता है, तो समय लगने के कारण नया ई-वे बिल जनरेट करना पड़ता है। ऐसे में विभाग इसे व्यापारी की ‘डबल सेल’ मानकर जुर्माना लगा देता है, जो पूरी तरह से अनुचित है। साथ ही, व्यापारियों ने मांग की है कि जीएसटी रिफंड और 18% बनाम 5% (कागज व कार्डबोर्ड बॉक्स) जैसे टैक्स दरों के अंतर का बचा हुआ रिफंड स्वतः व्यापारी के बैंक खाते में भेजा जाए और देरी होने पर 18% की दर से ब्याज दिया जाए।

व्यापार मंडल ने चेतावनी के साथ रखी न्याय की मांग
उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने मांग की है कि पैकिंग मटेरियल पर अधिक जीएसटी दर होने के बावजूद व्यापारियों को मिलने वाले आईटीसी का लाभ तुरंत उनके खातों में ट्रांसफर किया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोज कौशल, प्रदेश उपाध्यक्ष पवन गुप्ता, प्रदेश मंत्री अमित सेठ, महिला जिलाध्यक्ष रश्मि दुबे, युवा प्रदेश उपाध्यक्ष अमोल अग्रवाल, जिला वरिष्ठ महामंत्री अभय कठेरिया सहित भारी संख्या में व्यापारी नेता उपस्थित रहे। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी जायज मांगों का समाधान जल्द नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।



















