जनपद फर्रुखाबाद के प्रसिद्ध पांचाल घाट पर सोमवार तड़के गंगा नदी में स्नान करने उतरे चार श्रद्धालु गहरे पानी में जाने के कारण लापता हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जनपद शाहजहांपुर के खुदागंज गांव से 10 लोगों का एक जत्था रविवार देर रात गंगा स्नान और जल भरने के लिए पांचाल घाट पहुंचा था। सोमवार सुबह करीब 4:30 बजे इनमें से पांच लोग गंगा नदी में स्नान करने के लिए उतरे। इसी दौरान चार लोग अचानक गहरे पानी की चपेट में आ गए और बहने लगे। घाट पर मौजूद अन्य लोगों और साथ आए साथियों में चीख-पुकार मच गई, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।

NDRF और स्थानीय गोताखोर राहत-बचाव कार्य में जुटे, वरिष्ठ अधिकारी मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम तुरंत हरकत में आई। मौके पर पुलिस अधीक्षक आरती सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह, सीओ सिटी अभय वर्मा और कादरी गेट थाना प्रभारी कपिल चौधरी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय गोताखोरों के साथ-साथ NDRF की टीम को राहत और बचाव कार्य में लगाया गया है। स्टीमर और जाल की मदद से नदी में काफी दूर तक सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि लापता लोगों की खोज में सभी आवश्यक संसाधन लगाए गए हैं और तलाश लगातार जारी है।
लापता श्रद्धालुओं में एक ही परिवार के तीन सदस्य शामिल, परिजनों में मचा कोहराम
लापता हुए श्रद्धालुओं में विकास सक्सेना (22), उनका चचेरा भाई कमल (23), भतीजा योगेश (16) और गांव का ही एक अन्य युवक अर्जुन प्रजापति शामिल हैं। इनमें से योगेश कक्षा 10वीं का छात्र है, जबकि विकास आईटीआई (ITI) की पढ़ाई कर रहा था। गांव में ये युवा मेहनत-मजदूरी और रेहड़ी लगाकर अपने परिवार का सहयोग करते थे। घटना के समय घाट पर मौजूद एक छोटे बच्चे ने बाहर निकलकर बाकी लोगों को डूबने की जानकारी दी थी, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों में रोना-पिटना मच गया है और परिवार के लोग नम आंखों से गंगा किनारे अपनों के सकुशल मिलने की आस लगाए बैठे हैं।

बैरीकेडिंग और चेतावनी को नजरअंदाज करना पड़ा भारी, प्रशासन की सतर्क रहने की अपील
पांचाल घाट पर सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन द्वारा गहरे पानी वाले क्षेत्रों को चिह्नित कर स्पष्ट बैरीकेडिंग की गई है। साथ ही श्रद्धालुओं को सतर्क करने के लिए जगह-जगह चेतावनी बोर्ड और होर्डिंग भी लगाए गए हैं। मौके पर सुरक्षाकर्मी भी तैनात रहते हैं ताकि कोई गहरे पानी में न जाए। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, यह हादसा सुरक्षा बैरीकेडिंग को पार कर गहरे पानी की ओर जाने के कारण हुआ। पुलिस कर्मियों द्वारा चेतावनी दिए जाने के बावजूद श्रद्धालु आगे बढ़ते चले गए। प्रशासन ने एक बार फिर सभी श्रद्धालुओं और नागरिकों से अपील की है कि वे नदी स्नान के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करें और बैरीकेडिंग के पार न जाएं।

























