जनपद फर्रुखाबाद की कायमगंज मंडी समिति के व्यापारियों ने अब अपनी समस्याओं के खिलाफ आवाज बुलंद कर दी है। ‘जिला भारतीय उद्योग व्यापार मंडल, फर्रुखाबाद’ के बैनर तले व्यापारियों ने मंडी परिषद लखनऊ के निदेशक को एक ज्ञापन सौंपा है। व्यापारियों का कहना है कि हर साल मंडी में दुकानों का किराया 5% बढ़ा दिया जाता है और ऊपर से 18% GST भी ठोकी जाती है। इस दोहरी मार से छोटे व्यापारी बुरी तरह पिस रहे हैं। संगठन के जिलाध्यक्ष आदेश अग्निहोत्री और जिला महामंत्री अनुपम अग्रवाल ने मांग की है कि इस 5% किराए की बढ़ोतरी और 18% GST को जनहित में तुरंत पूरी तरह खत्म किया जाए।
1994 से चल रही मंडी की दुकानों को किया जाए फ्री-होल्ड, जिओ ऐप टैगिंग व्यवस्था हो वापस
व्यापारियों ने सरकार से एक और बड़ी मांग रखते हुए कहा कि वर्ष 1994 में कायमगंज मंडी अस्तित्व में आई थी, इसलिए अब यहां की दुकानों को व्यापारियों के नाम फ्री-होल्ड किया जाना चाहिए। इसके अलावा, मंडी परिषद द्वारा 1 जुलाई से लागू की जा रही ‘जिओ ऐप टैगिंग व्यवस्था’ पर भी व्यापारियों ने कड़ा ऐतराज जताया है। उनका कहना है कि इस जटिल टैगिंग प्रक्रिया से गल्ला, दलहन, तिलहन, किराना, फल और सब्जी के कारोबारियों को बेवजह परेशानी होगी, जिसका सीधा असर किसानों पर भी पड़ेगा। साथ ही, लाइसेंस नवीनीकरण (Renewal) में दो गारंटी देने की अनिवार्यता को समाप्त कर प्रक्रिया को सरल बनाने की गुहार लगाई गई है।
भीषण अग्निकांड के पीड़ितों को मिले तुरंत मुआवजा, जर्जर दुकानों की हो मरम्मत
कायमगंज मंडी में पिछले दिनों हुए भीषण अग्निकांड का मुद्दा भी इस ज्ञापन में प्रमुखता से उठाया गया है। व्यापारियों का कहना है कि आग की चपेट में आने से कई दुकानें जलकर खाक हो गई थीं, टीन शेड पिघल गए, दीवारें गिर गईं और लेंटर चटक गए। व्यापारियों ने मांग की है कि नुकसान के आधार पर पीड़ित व्यापारियों को जल्द से जल्द उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही, जर्जर व क्षतिग्रस्त दुकानों व शेड की तुरंत मरम्मत कराई जाए ताकि व्यापारी सुरक्षित माहौल में अपना कामकाज दोबारा शुरू कर सकें।


















