फर्रुखाबाद में एसपी आरती सिंह के कार्यालय में तैनात बड़े बाबू हरेंद्र सिंह चौहान पर उस समय बड़ा आरोप लगा जब हेड कांस्टेबल आदित्य कुमार ने एंटी करप्शन को शिकायत दी। शिकायत में बताया गया कि TA-DA भुगतान के लिए हरेंद्र सिंह 15 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा था। यह शिकायत सामने आते ही पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया।

प्रारंभिक जांच में सही मिली शिकायत
एंटी करप्शन ने जब इस शिकायत की शुरुआती जांच की, तो आरोप सही पाए गए। इसके बाद टीम ने पूरी तैयारी के साथ जाल बिछाने का फैसला किया। लखनऊ मुख्यालय से राजन कुमार रावत की अगुवाई में 6 सदस्यीय टीम फर्रुखाबाद पहुंची। टीम सुबह करीब 10 बजे सादी वर्दी में एसपी ऑफिस में दाखिल हुई।

मार्क्ड नोटों के साथ की गई कार्रवाई
शिकायतकर्ता हेड कांस्टेबल आदित्य को पहले ही मार्क्ड नोट दिए गए थे ताकि कार्रवाई के समय सबूत मिल सके। आदित्य जैसे ही हरेंद्र चौहान के केबिन में पहुंचे और पैसे दिए, तभी एंटी करप्शन टीम भी अंदर घुस गई। लगभग 10:30 बजे बड़े बाबू को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया गया। टीम ने बताया कि नोटों पर हरेंद्र के फिंगरप्रिंट भी मिले हैं, जो रिश्वत लेने का पुख्ता सबूत हैं।

पूछताछ के बाद लखनऊ ले जाया गया आरोपी
हरेंद्र को पकड़ने के बाद टीम उसे पूछताछ के लिए पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस ले गई। दोपहर करीब 2 बजे तक लगातार पूछताछ चलती रही। इसके बाद टीम आरोपी को लखनऊ लेकर रवाना हो गई, जहां आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जल्द होगी FIR, रिकॉर्डिंग भी मिली सबूत के तौर पर
टीम ने बताया कि आरोपी और शिकायतकर्ता दोनों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। रिश्वत लेते हुए रिकॉर्डिंग, फिंगरप्रिंट और मार्क्ड नोट सभी सबूत के रूप में सुरक्षित कर लिए गए हैं। जल्द ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत उचित धाराओं में एफआईआर दर्ज की जाएगी।













