कायमगंज स्थित शकुन्तला देवी संस्थान में गुरुवार को मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए विशेष मेंटल हेल्थ कैंप का आयोजन किया गया। इस कैंप का उद्देश्य छात्राओं में मानसिक स्वास्थ्य के महत्व और इससे जुड़ी समस्याओं की जानकारी देना था। कार्यक्रम का आयोजन स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से किया गया, जिसमें मनोवैज्ञानिक दीप्ती यादव, नर्स अखिलेश कुमार और सामाजिक कार्यकर्ता इन्द्रपाल जी शामिल हुए।

छात्राओं ने चित्रों में दिखाए मानसिक रोगों के संकेत
कक्षा 9 से 12 तक की छात्राओं ने अपने रंगों और कल्पनाशक्ति के जरिए चिंता, अवसाद, तनाव और अकेलेपन जैसे मानसिक विकारों के लक्षणों को चित्रों में उकेरा। छात्राओं की यह कलात्मक प्रस्तुति न केवल आकर्षक रही, बल्कि इसमें गहरा संदेश भी छिपा था कि मानसिक स्वास्थ्य भी उतना ही जरूरी है जितना शारीरिक स्वास्थ्य।

विशेषज्ञों ने सिखाई मानसिक मजबूती की बातें
मनोवैज्ञानिक दीप्ती यादव ने बच्चों को समझाया कि बार-बार चिंता करना, नींद न आना, या खुद को अलग-थलग महसूस करना मानसिक स्वास्थ्य के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि ऐसे समय पर संवाद और मदद लेना बेहद जरूरी है। कार्यक्रम का संचालन विकास कुमार ने किया, जिन्होंने छात्रों को जीवन में सकारात्मक सोच रखने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

विद्यालय प्रबंधन ने बढ़ाया हौसला
विद्यालय की प्रबंधिका मोनिका अग्रवाल ने स्वास्थ्य विभाग की टीम का स्वागत किया और इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों की सराहना की। प्रधानाचार्य सुतीक्ष्ण श्रीवास्तव ने कार्यक्रम के अंत में टीम को स्मृति चिन्ह भेंट कर धन्यवाद दिया। इस दौरान लक्ष्मी गंगवार ने छात्राओं को मानसिक रोगों के लक्षणों को चित्रों में दर्शाने का कार्य कराया।

सहयोग से मिला संदेश — “स्वस्थ मन ही सच्ची ताकत”
कार्यक्रम में शिक्षकों और छात्राओं का उत्साह देखने लायक था। शिक्षकों में शिल्की मिश्रा, कमलादेवी, शायना, सन्तोष शर्मा, शशांक शुक्ला, विजय कुमार, रीना, बादाम और लालाराम शामिल रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात करना समाज की सोच में सकारात्मक बदलाव लाएगा।













