कायमगंज तहसील रोड पर इन दिनों दो नन्हीं बहनें लोगों के लिए प्रेरणा बन गई हैं। कक्षा 8 की अनुष्का और कक्षा 6 की प्रियंका अपने हाथों से मिट्टी के दीपक बनाकर बेच रही हैं। दोनों बहनें फर्रुखाबाद जिले के कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव दारापुर की रहने वाली हैं। दिवाली से पहले ये बच्चियां दिन-रात दीपक तैयार करती हैं ताकि मां की मदद से घर का खर्च चला सकें।

पिता के निधन के बाद संभाली जिम्मेदारी
करीब एक साल पहले दोनों के पिता सुरजीत का निधन हो गया था। पिता के जाने के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर हो गई, लेकिन मां ने हार नहीं मानी और बेटियों ने भी उनका साथ देने का वादा निभाया। दीपावली के मौके पर जब लोग अपने घरों को रोशनी से सजा रहे हैं, तब ये बहनें अपनी मेहनत से बनाई गई रोशनी दूसरों के घरों तक पहुंचा रही हैं।

इंस्पेक्टर ने की बच्चियों की मदद और तारीफ
शनिवार को तहसील रोड से गुजर रहे क्राइम इंस्पेक्टर मोहम्मद कामिल खान की नज़र इन बच्चियों पर पड़ी। उन्होंने तुरंत रुककर दोनों से दीपक खरीदे और उनकी हिम्मत की खुलकर तारीफ की। इंस्पेक्टर खान ने बच्चियों की मां के लिए कपड़े और दोनों बहनों को नए कपड़े व मिठाई दी। उनके इस कदम ने वहां मौजूद लोगों का दिल जीत लिया।

समाज के लिए प्रेरणा बनीं दोनों बहनें
इंस्पेक्टर के इस इंसानियत भरे कदम ने सभी को भावुक कर दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि मोहम्मद कामिल खान का यह कदम समाज के लिए प्रेरणा है। अनुष्का और प्रियंका जैसी बच्चियां दिखाती हैं कि अगर हिम्मत हो तो कठिन समय में भी जीवन को रोशनी से भरा जा सकता है। अब कायमगंज में हर कोई इन दोनों बहनों की मेहनत और लगन की चर्चा कर रहा है।

कायमगंज की दो बेटियां बनीं मिसाल
कठिन हालात में भी मेहनत से हार न मानने वाली अनुष्का और प्रियंका ने साबित कर दिया कि बेटियां किसी से कम नहीं। आज ये दोनों कायमगंज की “रोशनी की मिसाल” बन चुकी हैं।












