Farrukhabad News : जनपद फर्रुखाबाद के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, त्वरित न्यायालय संख्या-01 संजय कुमार की अदालत ने दहेज हत्या के एक 17 साल पुराने मामले में अहम फैसला सुनाया है। न्यायालय ने विवाहिता की हत्या के मामले में उसके पति और दो जेठ को दोषी करार दिया है। इस मामले में दोषियों की सजा के प्रश्न पर अब 9 सितंबर को सुनवाई की जाएगी।
17 साल पुराना मामला और प्रताड़ना
पूरा मामला शमसाबाद थाना क्षेत्र के गांव धमगवां का है। बता दें कि जनपद मैनपुरी के भोगांव निवासी जागेश्वर ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उनकी पुत्री सुधा कुमारी की शादी धमगवां निवासी अजीत कुमार से हुई थी। आरोप था कि शादी के बाद से ही पति अजीत, उसके भाई और परिवार के अन्य सदस्य रंगीन टीवी, वाशिंग मशीन और 50 हजार रुपये की अतिरिक्त मांग को लेकर सुधा को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे।
2008 में हुई थी दुखद वारदात
4 जनवरी 2008 को दहेज की मांग पूरी न होने पर ससुराल पक्ष के लोगों ने सुधा की गला दबाकर और आग लगाकर हत्या कर दी थी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान आरोपी सास इंद्रावती की मृत्यु हो जाने के कारण उनके खिलाफ कार्रवाई समाप्त कर दी गई थी, जबकि अन्य आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया जारी रही।
न्याय की दिशा में बड़ा कदम
अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को ध्यान में रखते हुए मृतका के पति अजीत और उसके भाइयों सुनील उर्फ अवनीश व कश्मीर को दहेज हत्या तथा क्रूरता से संबंधित धाराओं में दोषी ठहराया है। वर्षों के लंबे इंतजार के बाद आए इस फैसले से पीड़िता के परिवार को न्याय की उम्मीद जगी है।
























