जनपद फर्रुखाबाद के कमालगंज थाना क्षेत्र की गगनी ग्राम पंचायत के गांव हंसनापुर के पास नदी में ग्रामीणों को एक अज्ञात शव तैरता हुआ दिखाई दिया। घटना की जानकारी तुरंत पुलिस को दी गई, लेकिन इसके बाद जो हुआ उसने कानून व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए। शव किस जिले की सीमा में है, इसी पेंच में फर्रुखाबाद और कन्नौज जिले की पुलिस आपस में उलझ गई और बेबस लाश घंटों नदी के पानी में ही पड़ी रही।
9 घंटे तक चलता रहा खाकी का ‘हाई वोल्टेज ड्रामा’
सुबह करीब 9 बजे ग्रामीणों ने सबसे पहले खुदागंज चौकी प्रभारी सुभाष चंद को इसकी सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची, तो देखा कि शव नदी के दूसरे किनारे पर था। फर्रुखाबाद पुलिस ने इसे कन्नौज का इलाका बताकर पल्ला झाड़ लिया। इसके बाद दोनों जिलों की पुलिस के बीच सीमा तय करने को लेकर खींचतान शुरू हो गई। देखते ही देखते करीब 9 घंटे बीत गए, लेकिन कोई भी पुलिस टीम शव को पानी से बाहर निकालने के लिए तैयार नहीं हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस अपनी जिम्मेदारी से भाग रही थी।

लेखपाल और नक्शे के बाद आखिर शाम को बाहर निकला शव
मामला बढ़ता देख कमालगंज थानाध्यक्ष राम सहाय सिंह ने क्षेत्रीय लेखपाल उज्ज्वल गुप्ता को मौके पर बुलाया। सीमा का सही आकलन कराया गया, जिससे साफ हुआ कि नदी के उस पार का हिस्सा कन्नौज जिले में आता है। थानाध्यक्ष ने बताया कि पुलिस और राजस्व विभाग के सीमा तय करने के नियम अलग होते हैं। आखिरकार, लंबी रस्साकशी के बाद शाम करीब 6 बजे कन्नौज पुलिस ने बैकफुट पर आते हुए शव को नदी से बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भिजवाया।


















