राजनीति के गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जनपद फर्रूखाबाद के बीजेपी सांसद मुकेश राजपूत, उनकी बहन रीना राजपूत और अन्य सहयोगियों की मुश्किलें अचानक बढ़ती दिख रही हैं। कासगंज की एमपी-एमएलए (MP-MLA) कोर्ट ने साहवर थाना पुलिस को निर्देश दिए हैं कि सांसद और उनकी बहन समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज कर निष्पक्ष जांच शुरू की जाए। यह मामला मकान पर कब्जा करने, मारपीट करने और कीमती जेवर-सामान लूटने के गंभीर आरोपों से जुड़ा हुआ है।
क्या है मकान हड़पने और लूटपाट का पूरा विवाद?
मामले में पीड़ित पक्ष 69 वर्षीय सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य लक्ष्मण सिंह ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने पुलिस को दी अर्जी में बताया कि उनका एक मकान अवंतीबाई नगर (साहवर) में स्थित है, जहां उनका बेटा रवींद्र अपनी पत्नी रीना राजपूत (सांसद की बहन) के साथ रहता था। आरोप है कि सितंबर 2025 की एक रात सांसद मुकेश राजपूत और उनकी बहन रीना ने एक गहरी साजिश रची। आरोप के मुताबिक, करीब 50 लोगों की भीड़ के साथ पहुंचकर मकान के ताले तोड़ दिए गए और रवींद्र को जबरन घर से बाहर निकाल कर पूरे मकान पर अवैध कब्जा जमा लिया गया।
साजिश, दबंगई और सीसीटीवी कैमरे तोड़ने के आरोप
पीड़ित लक्ष्मण सिंह का दावा है कि उस रात फर्रूखाबाद और एटा से गाड़ियों में भरकर लोग आए थे, जिनमें सांसद के गनर, चालक और परिवार के अन्य सदस्य शामिल थे। पीड़ित के अनुसार, दबंगों ने घर में घुसकर लाखों रुपए के सोने-चांदी के जेवर और कीमती सामान लूट लिया। इतना ही नहीं, सबूत मिटाने के मकसद से घर में लगे सीसीटीवी कैमरे और DVR भी उखाड़ कर अपने साथ ले गए।
पुलिस की कार्रवाई पर सवाल और अब कोर्ट का एक्शन
पीड़ित का आरोप है कि घटना के बाद जब वे स्थानीय पुलिस के पास शिकायत लेकर पहुंचे, तो राजनीतिक दबाव के चलते पुलिस ने उनकी एक न सुनी। उल्टा पीड़ित पक्ष पर ही कार्रवाई करते हुए उन्हें और उनके बेटे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। थक-हारकर पीड़ित ने कोर्ट की शरण ली। अब कोर्ट के सख्त आदेश के बाद कासगंज के एसपी ओपी सिंह ने कहा है कि अदालती आदेश का पालन करते हुए मामला दर्ज किया जाएगा और पूरी पारदर्शिता के साथ जांच की जाएगी।

























