जनपद फर्रुखाबाद में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन की हालिया ट्रैप कार्रवाइयों को अनुचित बताते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में तमाम कठिनाइयों के बावजूद लेखपाल पूरी निष्ठा के साथ अपना दायित्व निभा रहे हैं। इसके बावजूद उनके खिलाफ एकतरफा और आधारहीन कार्रवाई की जा रही है, जिससे पूरे संवर्ग में असुरक्षा और असंतोष का माहौल है। संघ ने स्पष्ट किया है कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ निष्पक्ष जांच के पक्षधर हैं, लेकिन किसी भी निर्दोष कर्मचारी का उत्पीड़न सहन नहीं किया जाएगा।
अयोध्या की घटना पर उठाये सवाल, उच्चस्तरीय जांच की मांग
संघ के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर के माध्यम से एक ज्ञापन सौंपकर जनपद अयोध्या की तहसील सोहावल में तैनात लेखपाल उत्कर्ष दीप के प्रकरण को प्रमुखता से उठाया। पदाधिकारियों के अनुसार, मामले के उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज को देखने से प्रथम दृष्टया रिश्वत मांगने का कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं मिलता है। इसी को आधार बनाते हुए फर्रुखाबाद संघ ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने का अनुरोध किया है। साथ ही, गलत तरीके से फंसाए गए कर्मचारी पर की गई कार्रवाई को निरस्त कर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कदम उठाने की मांग की है।

‘थाना समाधान दिवस’ का पूर्ण बहिष्कार, तहसीलों पर जारी धरना
प्रांतीय कार्यकारिणी के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए जनपद के लेखपालों ने शनिवार को आयोजित ‘थाना समाधान दिवस’ का पूरी तरह से बहिष्कार किया। इसके साथ ही फर्रुखाबाद, कायमगंज और अमृतपुर तहसीलों में शनिवार सुबह 10:00 बजे से लेखपालों का शांतिपूर्ण धरना जारी है। ज्ञापन देने और प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष सचिन मिश्रा, जिला उपाध्यक्ष के.के. गंगवार, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मोहिनी चौहान, कनिष्ठ उपाध्यक्ष अनुज चतुर्वेदी, उप मंत्री हिमांशु गुप्ता, कोषाध्यक्ष रामजी यादव, ऑडिटर अनुभव पाण्डेय, तहसील अध्यक्ष रमाकांत सहित कई प्रमुख पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।
























