रविवार को जनपद फर्रुखाबाद के मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के इटावा-बरेली हाईवे पर स्थित बरसाना गेस्ट हाउस के पीछे झाड़ियों में एक अज्ञात युवक का शव पड़ा हुआ मिला। झाड़ियां में शव मिलने की सूचना आग की तरह फैल गई और देखते-देखते वहां लोगों व राहगीरों की भीड़ एकत्रित हो गई, वहां मौजूद लोगों ने मामले की जानकारी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही कोतवाली प्रभारी मदन मोहन चतुर्वेदी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल शुरू की।
फॉरेंसिक टीम ने जुटाए सबूत, गले में बंधा था फंदा
बता दें कि शव हाईवे से करीब 200 मीटर अंदर झाड़ियों में छिपा हुआ मिला। सूचना पर पहुंची फोरेंसिक विभाग की टीम ने फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी कर साक्ष्य एकत्रित किए। मृतक के गले में गेरुआ रंग की चुनरी का फंदा बंधा हुआ था। इसके अलावा, युवक के नाक और कान से खून बहने के निशान भी पाए गए। जिसे देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था कि युवक की बेरहमी से हत्या की गई हो।

जेब से निकला आधार कार्ड, बिहार का रहने वाला था मृतक
पुलिस को मृतक की जेब से कुछ तंबाकू, एक फटी हुई डायरी और एक आधार कार्ड बरामद हुआ। आधार कार्ड के जरिए मृतक की पहचान 34 वर्षीय बलवीर मांझी के रूप में हुई है, जो बिहार राज्य के नवादा जनपद के कौवाकोल थाना क्षेत्र के ग्राम बीझो का रहने वाला था। मृतक ने लाल, फिरोजी और सफेद रंग की चेकदार शर्ट और काले रंग का लोअर पहन रखा था। स्थानीय लोगों का अनुमान है कि वह इस इलाके में किसी ईंट-भट्टे या अन्य जगह पर मजदूरी करने आया होगा, हालांकि पुलिस अभी इस बात की आधिकारिक पुष्टि करने में जुटी है।

हत्या कहीं और, लाश यहां फेंकी : सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपनिरीक्षक हरीश कुमार ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, कायमगंज क्षेत्राधिकारी राजेश कुमार द्विवेदी ने भी मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच में ऐसा प्रतीत होता है कि युवक की हत्या किसी दूसरी जगह पर की गई है और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को लाकर यहां हाईवे किनारे फेंक दिया गया। पुलिस अब मृतक के परिजनों से संपर्क साधने की कोशिश कर रही है और इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाल रही है ताकि हत्यारों का सुराग लगाया जा सके।



















