जनपद फर्रुखाबाद में बिजली विभाग के अंदर कर्मचारियों के ट्रांसफर, पोस्टिंग और समायोजन में नियमों को ताक पर रखने का एक बड़ा मामला सामने आया है। दरअसल, प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह की अध्यक्षता में चल रही विकास कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान सांसद मुकेश राजपूत ने बिजली विभाग में चल रही इस धांधली की शिकायत उठाई थी। सांसद की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी डॉक 6अंकुर लाठर ने तुरंत मुख्य विकास अधिकारी की अगुवाई में चार सदस्यों की एक स्पेशल जांच कमेटी बना दी।
जांच में खुली पोल, नियमों की जमकर उड़ी धज्जियां
जब जांच कमेटी ने सरकारी कागजों और रिकॉर्ड्स को खंगाला, तो बिजली विभाग की पोल खुल गई। रिपोर्ट में साफ हुआ कि संविदा, नियमित और आउटसोर्स कर्मचारियों के ट्रांसफर और समायोजन में तय नियमों और मानकों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया था। इतना ही नहीं, जब अधिकारियों से इसके सबूत और साफ ब्योरा मांगा गया, तो वे कोई ठोस जवाब या दस्तावेज नहीं दे पाए। इस लापरवाही ने प्रशासनिक कामकाज की ईमानदारी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए।
ये 3 बड़े अधिकारी पाए गए दोषी, MD को भेजी गई रिपोर्ट
कमेटी की इस जांच में तत्कालीन अधीक्षण अभियंता अजय कुमार, अधिशासी अभियंता (ग्रामीण) सुशील कुमार और कायमगंज के अधिशासी अभियंता शिव शंकर को सीधे तौर पर दोषी पाया गया है। जिला प्रशासन ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए तीनों अफसरों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई के लिए दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर को चिट्ठी भेज दी है। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि सरकारी कामों में किसी भी तरह की धांधली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



















