फर्रुखाबाद : तीसरे दिन भी जारी प्रशासन की छापेमारी, बिना NOC और नक्शे के चल रहे बेसमेंट वाले प्रतिष्ठानों पर गिरेगी गाज

लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद अब फर्रुखाबाद का प्रशासन भी पूरी तरह से एक्शन मोड में आ चुका है। शहर के कमर्शियल भवनों, अस्पतालों, नर्सिंग होम, जिम, रेस्टोरेंट और मैरिज होम में सुरक्षा मानकों को परखने के लिए लगातार तीसरे दिन भी सघन जांच अभियान जारी रहा। सिटी मजिस्ट्रेट पारुल तरार के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने शहर के अलग-अलग कोनों में घूम-घूमकर सुरक्षा व्यवस्था और बिल्डिंग के कागजातों को खंगाला। इस औचक चेकिंग से अवैध रूप से और बिना सुरक्षा इंतजामों के धंधा चमकाने वाले संचालकों के बीच हड़कंप मच गया है।

फर्रुखाबाद
फर्रुखाबादमसेनी रोड पर बड़ा एक्शन : संकरी जगह में चल रहा अंडरग्राउंड जिम 

गुरुवार को कार्रवाई की शुरुआत करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट की टीम सबसे पहले मसेनी रोड पर स्थित एक अंडरग्राउंड जिम सेंटर में धमक पड़ी। जब अंदर जाकर पड़ताल की गई, तो वहां का नजारा चौंकाने वाला था। जिम बहुत ही कम जगह में, बिना किसी वेंटिलेशन और सुरक्षा के चल रहा था। हद तो तब हो गई जब संचालक न तो प्रशासन से पास कराया हुआ भवन का नक्शा दिखा पाया और न ही वहां आग से निपटने के कोई पुख्ता इंतजाम थे। किसी भी बड़ी अनहोनी की आशंका को देखते हुए सिटी मजिस्ट्रेट ने बिना देर किए इस अंडरग्राउंड जिम को तुरंत सील करने के कड़े आदेश दे दिए।

फर्रुखाबाद
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गेस्ट हाउस में दिखा दिखावा : फायर अलार्म नदारद, पानी की टंकियां भी खाली मिलीं

इसके बाद टीम मसेनी रोड पर ही स्थित एक बड़े गेस्ट हाउस का मुआयना करने पहुंची। बाहर से चकाचक दिखने वाले इस गेस्ट हाउस के अंदर जब दमकल उपकरणों की जांच की गई, तो बड़ी लापरवाही सामने आई। हालांकि वहां आग बुझाने के सिलेंडर तो लटके मिले, लेकिन कर्मचारियों को मॉक ड्रिल की कोई एबीसीडी भी नहीं पता थी। आपातकाल में आग बुझाने वाली पानी की टंकियों में पर्याप्त पानी ही नहीं था और सबसे जरूरी चीज यानी फायर अलार्म सिस्टम भी गायब था। जब गेस्ट हाउस मैनेजमेंट से स्वीकृत नक्शा मांगा गया, तो वे बगलें झांकने लगे। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट ने कड़ी फटकार लगाते हुए जल्द से जल्द नक्शा दफ्तर में पेश करने और सभी सुरक्षा मानकों को दुरुस्त करने की चेतावनी दी।

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अस्पतालों और नर्सिंग होम के बेसमेंट में खेल, सिर्फ ओपीडी के नाम पर बिना NOC का धंधा

जांच का यह शिकंजा आगे बढ़ते हुए शहर के कुछ प्रमुख नर्सिंग होम और अस्पतालों तक जा पहुंचा। एक नामी नर्सिंग होम के बेसमेंट की जांच के दौरान मैनेजमेंट ने सफाई दी कि यहां मरीजों को भर्ती नहीं किया जाता है। लेकिन असल पेंच तब फंसा जब पता चला कि उस पूरी बिल्डिंग का नक्शा अस्पताल के नाम पर पास ही नहीं था। वहीं, एक अन्य अस्पताल में पहुंचने पर डॉक्टर ने दलील दी कि यहां केवल ओपीडी सेवाएं ही चलती हैं, लेकिन उनके पास दमकल विभाग की एनओसी तक नहीं थी। इस गंभीर लापरवाही पर सिटी मजिस्ट्रेट ने सख्त नाराजगी जताई और जल्द से जल्द फायर एनओसी लेने का अल्टीमेटम दिया।

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लोहिया अस्पताल के पीछे भी खुली पोल, अंडरग्राउंड रेस्टोरेंट और लैब पर लटकी तलवार

प्रशासनिक टीम जब आवास विकास क्षेत्र में लोहिया अस्पताल के ठीक पीछे संचालित एक अन्य नर्सिंग होम में पहुंची, तो वहां भी लापरवाही का पुराना ढर्रा देखने को मिला। न तो फायर एनओसी, न फायर अलार्म और न ही पानी का पर्याप्त इंतजाम। इसी तरह पास में ही चल रहे एक अल्ट्रासाउंड एवं एमआरआई सेंटर के अंडरग्राउंड बेसमेंट में धड़ल्ले से मशीनें चलती हुई पाई गईं। इसके अलावा पास के ही एक अंडरग्राउंड रेस्टोरेंट में भी जांच की गई, जहां मौजूद मैनेजर टीम को देखकर घबरा गया और कोई भी जरूरी डाक्यूमेंट्स पेश नहीं कर सका। अधिकारियों ने सभी को कड़ी चेतावनी देते हुए तुरंत सारे लीगल पेपर जमा करने को कहा है।

फर्रुखाबाद
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सिटी मजिस्ट्रेट पारुल तरार की दो टूक : सुधर जाएं संचालक, वरना सीधे होगी जेल और कानूनी कार्रवाई

चेकिंग के आखिरी चरण में एक होटल के अंडरग्राउंड हिस्से में एक प्राइवेट कंपनी का ऑफिस चलता पाया गया, जहां भारी संख्या में कर्मचारी जान जोखिम में डालकर काम कर रहे थे। पूरी कार्रवाई पर बात करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट पारुल तरार ने साफ शब्दों में कहा कि बिना स्वीकृत नक्शे और बिना फायर सुरक्षा मानकों के कोई भी कमर्शियल एक्टिविटी चलाना सीधे-सीधे लोगों की जान से खिलवाड़ है और इसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सख्त हिदायत दी कि सभी संचालकों को कमियां सुधारने का यह आखिरी मौका दिया जा रहा है। अगर तय समय के अंदर नियमों का पालन नहीं किया गया, तो प्रशासन बुलडोजर और सीलिंग जैसी कड़ी विधिक कार्रवाई करने से बिल्कुल पीछे नहीं हटेगा।

फर्रुखाबाद दर्पण
फर्रुखाबाद दर्पण
Amar Agnihotri
Author: Amar Agnihotri

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