जनपद फर्रुखाबाद की सड़कों पर अब शोर मचाना भारी पड़ेगा। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर के आदेश एआरटीओ सुभाष राजपूत और ट्रैफिक इंचार्ज सत्येंद्र कुमार ने शहर में जबरदस्त चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान 8 ट्रकों को प्रेशर हॉर्न का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया और उन्हें मौके पर ही सीज कर दिया गया। इनमें से 4 ट्रक ओवरलोड भी थे, जिस कारण कुल 2.01 लाख रुपए का जुर्माना ठोका गया है।

दुकानदारों और गैराज संचालकों की अब खैर नहीं
सिर्फ गाड़ी चलाने वाले ही नहीं, बल्कि मॉडिफाइड साइलेंसर बेचने वाले डीलरों और मैकेनिकों पर भी प्रशासन की पैनी नजर है। यूपी परिवहन आयुक्त के निर्देशानुसार, अगर किसी गैराज या वर्कशॉप में प्रेशर हॉर्न या हूटर लगाते हुए पकड़ा गया, तो संचालक पर ₹1 लाख तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि शोर फैलाने वाले उपकरणों की बिक्री और फिटिंग अब अपराध की श्रेणी में है।

13 मई तक चलेगा विशेष अभियान : जेल भी जाना पड़ सकता है
7 मई से 13 मई 2026 तक पूरे जिले में एक विशेष लक्ष्य आधारित अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत अवैध साइलेंसर वाली गाड़ियाँ सीधे जब्त की जाएंगी। नियमों का उल्लंघन करने पर 6 महीने तक की जेल या ₹5,000 का जुर्माना हो सकता है। वहीं, अगर कोई पहली बार सड़क सुरक्षा या प्रदूषण मानकों का उल्लंघन करता है, तो उसे 3 महीने की जेल और ₹10,000 का जुर्माना भरना पड़ सकता है। इतना ही नहीं, चालक का ड्राइविंग लाइसेंस भी 3 महीने के लिए सस्पेंड किया जा सकता है।

यहां करें शिकायत : तुरंत होगी कार्रवाई
अगर आपके इलाके में भी कोई वाहन मॉडिफाइड साइलेंसर (पटाखे वाले साइलेंसर) का इस्तेमाल कर रहा है, तो आप घर बैठे इसकी शिकायत कर सकते हैं। परिवहन विभाग ने हेल्पलाइन नंबर 1800-1800-151 और 149 जारी किए हैं। प्रशासन इन नंबरों पर मिलने वाली शिकायतों पर तुरंत एक्शन लेगा और शोर मचाने वाले वाहनों की आरसी (पंजीयन प्रमाण-पत्र) भी निरस्त की जा सकती है।



















