शनिवार की सुबह जनपद फर्रुखाबाद शमसाबाद थाना क्षेत्र में गांव बलीपुर भगवंत उलियापुर में तड़के करीब 4 बजे एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार पिकअप ने सड़क किनारे चौपाल पर सो रहे दो चचेरे भाइयों को रौंद दिया। इस भीषण भिड़ंत में एक भाई की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि जिस खाट पर दोनों सो रहे थे, उसके परखच्चे उड़ गए।

ड्यूटी पर जाने से पहले भाई के पास लेटना पड़ा भारी
मृतक की पहचान 30 वर्षीय रामू यादव के रूप में हुई है, जो रोडवेज में संविदा बस चालक थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रामू शनिवार तड़के करीब 3 बजे ड्यूटी पर जाने के लिए घर से निकले थे। रास्ते में उन्होंने देखा कि उनका चचेरा भाई शिवम यादव (25) सड़क किनारे बनी चौपाल पर सो रहा है। बस का इंतजार करते समय रामू भी शिवम के बगल में ही खाट पर लेट गए। नियति को कुछ और ही मंजूर था; नींद लगते ही कायमगंज की ओर से आ रही डीजे का सामान लदी पिकअप दोनों के लिए काल बन गई।

हादसे के बाद ड्राइवर फरार, डीजे का सामान सड़क पर बिखरा
हादसे के बाद बेकाबू पिकअप सड़क पर ही पलट गई और उसमें लदा डीजे का सामान चारों ओर बिखर गया। अपनी जान बचाने के चक्कर में पिकअप चालक वाहन और सामान छोड़कर मौके से फरार हो गया। सुबह करीब 6 बजे जब ग्रामीण खेतों की ओर निकले, तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गए। आनन-फानन में पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर रामू के शव को कब्जे में लिया, वहीं गंभीर घायल शिवम को लोहिया अस्पताल से निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।

हंसते-खेलते परिवार में पसरा मातम, पुलिस की कार्रवाई जारी
रामू यादव की मौत की खबर सुनते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। रामू की शादी साल 2012 में हुई थी। उनकी पत्नी सोनी और दो मासूम बच्चों, उत्कर्ष (10) और मन्नत (8) का रो-रोकर बुरा हाल है। शमसाबाद थानाध्यक्ष सचिन चौधरी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने क्षतिग्रस्त पिकअप को कब्जे में ले लिया है और फरार चालक की तलाश में दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई पूरी की जाएगी।


















