गुरुवार को जनपद फर्रुखाबाद के कायमगंज में व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा। ‘उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल’ के बैनर तले बड़ी संख्या में व्यापारियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडर की आसमान छूती कीमतों और बाजार में इसकी भारी किल्लत के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। व्यापारियों का कहना है कि अचानक हुई इस मूल्य वृद्धि ने कुटीर उद्योगों, मझोले कारखानों और खासकर ढाबा व रेहड़ी-पटरी वालों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा कर दिया है। हालात इतने खराब हैं कि कई छोटे व्यापारियों का कारोबार बंद होने की कगार पर पहुंच गया है।

राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन : तहसील कार्यालय में व्यापारियों की हुंकार
विरोध करते हुए व्यापारियों का जत्था तहसील परिसर पहुंचा, जहां उन्होंने महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक 9 सूत्रीय मांग पत्र नायब तहसीलदार हर्षित को सौंपा। इस ज्ञापन के जरिए व्यापारियों ने सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने की कोशिश की है। व्यापारियों ने साफ कहा कि यदि उनकी जायज मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया गया, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। प्रशासन को चेतावनी देते हुए व्यापारियों ने कहा कि अगर जल्द ही समाधान नहीं निकला, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

प्रमुख मांगें : जीएसटी (GST) घटाने और ऑनलाइन बुकिंग की उठी मांग
व्यापार मंडल ने ज्ञापन में कई महत्वपूर्ण बिंदु रखे हैं। उनकी सबसे प्रमुख मांग कमर्शियल गैस सिलेंडर पर लगने वाली GST दर को 18% से घटाकर 5% करने की है। इसके अलावा, व्यापारियों ने मांग की है कि घरेलू सिलेंडरों की तर्ज पर कमर्शियल गैस की भी ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था शुरू की जाए ताकि कालाबाजारी पर लगाम लग सके। साथ ही, शादियों और त्योहारों के सीजन में सिलेंडर की पर्याप्त सप्लाई सुनिश्चित करने और अस्पतालों व स्कूलों को प्राथमिकता के आधार पर गैस उपलब्ध कराने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है।

प्रदूषण नियमों में छूट और वैकल्पिक ईंधन पर जोर
गैस की कमी को देखते हुए व्यापारियों ने एक दिलचस्प सुझाव भी दिया है। उन्होंने मांग की है कि गैस के वैकल्पिक संसाधनों की खोज के लिए एक विशेष ‘अनुसंधान कमेटी’ बनाई जाए। इसके अलावा, गैस की किल्लत के चलते जो उद्योग पुराने वैकल्पिक ईंधन का इस्तेमाल कर रहे हैं, उन्हें प्रदूषण विभाग और एनजीटी (NGT) के नियमों में कम से कम 5 साल की विशेष छूट दी जाए। व्यापारियों का तर्क है कि जब तक गैस की सप्लाई सामान्य नहीं होती, तब तक उन पर दंडात्मक कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।

दिग्गज नेताओं की मौजूदगी : आंदोलन की दी चेतावनी
इस प्रदर्शन में व्यापार मंडल के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज कौशल, जिला अध्यक्ष संजय गुप्ता और नगर अध्यक्ष अमित सेठ सहित कई बड़े चेहरे शामिल रहे। इनके साथ नगर महामंत्री संजीव अग्रवाल, जिला उपाध्यक्ष अभिषेक अग्रवाल, वसीम अंसारी, लखपति बाबू सक्सेना, मुकेश गुप्ता, मुस्तफा भाई और विनीत सक्सेना ने भी अपनी बात रखी। महिला इकाई की ओर से नगर अध्यक्ष मधु गंगवार और उपाध्यक्ष लक्ष्मी राठौर ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सभी ने एकजुट होकर कहा कि यह लड़ाई व्यापारियों के अस्तित्व को बचाने की है।



















