बुधवार को जनपद फर्रुखाबाद के कायमगंज नगर के मोहल्ला नोनियमगंज निवासी 70 वर्षीय मुन्नालाल ई-रिक्शे पर मैदा की 15 बोरियां लादकर बेकरी जा रहे थे। जैसे ही वह गढ़ी इज्जत स्थित पुलिया के पास पहुंचे, ढाल होने के कारण ई-रिक्शा अचानक अनियंत्रित हो गया। इससे पहले कि मुन्नालाल कुछ समझ पाते, रिक्शा तेजी से पीछे की ओर खिसका और सीधे गंदे नाले में जा गिरा।

बेटे और स्थानीय लोगों ने बचाई जान
हादसे के वक्त मुन्नालाल का बेटा नरेंद्र भी दूसरे रिक्शे के साथ पीछे ही आ रहा था। पिता को नाले में गिरता देख उसकी चीख निकल गई। शोर सुनकर आसपास के लोग दौड़ पड़े और तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। स्थानीय निवासी वाजिद अली, दिनेश और सुरेश की मदद से बुजुर्ग चालक को नाले से बाहर निकाला गया। हालांकि, इस दुर्घटना में मुन्नालाल को काफी चोटें आई हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

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इस हादसे ने न केवल शारीरिक चोट पहुंचाई, बल्कि आर्थिक कमर भी तोड़ दी है। ई-रिक्शा में लदी मैदा की सभी 15 बोरियां नाले के गंदे पानी में भीगकर पूरी तरह बर्बाद हो गईं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पुलिया के एक तरफ तो सेफ्टी वाल (सुरक्षा दीवार) बनी है, लेकिन दूसरी तरफ का हिस्सा खुला होने की वजह से यह हादसा हुआ। अगर प्रशासन ने पहले ध्यान दिया होता, तो मुन्नालाल का नुकसान नहीं होता।

नगर पालिका की नींद टूटी, जल्द निर्माण का मिला भरोसा
घटना के बाद इलाके के लोगों में नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। लोगों ने मांग की है कि पुलिया के दोनों ओर तुरंत दीवार बनाई जाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (EO) लव कुमार मिश्रा ने आश्वासन दिया है कि नाले की सफाई जल्द कराई जाएगी और वहां सुरक्षा के लिए मजबूती से सेफ्टी वाल का निर्माण कराया जाएगा ताकि भविष्य में कोई अप्रिय घटना न हो।



















