जनपद फर्रुखाबाद के कम्पिल में स्थित सहकारी सूत मिल इन दिनों विवादों का अखाड़ा बनी हुई है। मामला तब गरमाया जब क्षेत्रीय विधायक डॉ. सुरभि के पति डॉ. अजीत गंगवार ने मिल परिसर में सफाई और ध्वस्तीकरण का काम कर रही संस्था के सुपरवाइजर गणपत चौधरी पर ‘अवैध खनन’ का गंभीर आरोप लगाया। विधायक पति का दावा था कि मिल की आड़ में खेल हो रहा है, जिसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ।

मारपीट के आरोप और कश्यप समाज का फूटा गुस्सा
विवाद ने तब नया मोड़ ले लिया जब अवैध खनन के आरोपों के बीच मारपीट की बात सामने आई। ट्रैक्टर चालक अखिलेश और उसके पिता किशनलाल ने आरोप लगाया कि विधायक पति डॉ. अजीत गंगवार ने अपने साथियों के साथ मिलकर उनके साथ मारपीट की। इस घटना के विरोध में कश्यप समाज के लोग लामबंद हो गए। राष्ट्रीय पीडीडे सेना के अध्यक्ष धर्मेंद्र कश्यप के नेतृत्व में लोगों ने थाने का घेराव किया और विधायक पति के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग की। समाज ने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो महापंचायत बुलाई जाएगी।

एसडीएम की जांच: मौके पर क्या मिला?
बढ़ते हंगामे को देखते हुए एसडीएम कायमगंज अतुल कुमार और खनन निरीक्षक संजय प्रताप सिंह भारी पुलिस बल के साथ सूत मिल पहुंचे। अधिकारियों ने पूरे परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया और वहां चल रहे ध्वस्तीकरण कार्य का जायजा लिया। जांच के बाद एसडीएम ने स्पष्ट किया कि निरीक्षण के दौरान अवैध खनन के कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। प्रशासन के मुताबिक, मिल की जर्जर इमारतों को गिराने का काम चल रहा है और मलबे को बाहर निकाला जा रहा है, जिसे खनन कहना गलत है।

पुलिस की कार्रवाई और सस्पेंस बरकरार
फिलहाल, पुलिस प्रशासन के लिए यह मामला गले की हड्डी बन गया है। एक तरफ सत्ता पक्ष से जुड़े विधायक पति के आरोप हैं, तो दूसरी तरफ मजदूर वर्ग की ओर से मारपीट की शिकायत। थानाध्यक्ष नितिन चौधरी ने बताया कि पूरे मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। तब तक इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और लोग प्रशासन के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं।


















