सोमवार की शाम जनपद फर्रुखाबाद के नवाबगंज-मोहम्मदबाद मार्ग स्थित जियो कार्यालय के सामने एक तेज रफ्तार डंपर ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार युवक सीधे डंपर के पहियों के नीचे आ गया। इस भयानक एक्सीडेंट के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।

डंपर के नीचे फंसने से रोजगार सेवक विपिन कुमार की मौके पर ही मौत
मृतक युवक की पहचान गांव हरदुआ निवासी 33 वर्षीय विपिन कुमार के रूप में हुई। बता दें कि मृतक ब्लॉक में रोजगार सेवक के पद पर तैनात थे। शाम को वह ब्लॉक से काम खत्म करके अपनी बाइक से नवाबगंज बाईपास स्थित अचरा तिराहा अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रहे तेज रफ्तार डंपर ने उन्हें कुचल दिया। हादसा इतना खौफनाक था कि डंपर चालक ने भागने की कोशिश में शव को सड़क पर करीब 10 मीटर तक घसीटा, जिससे रोजगार सेवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद निकाला शव, लगा लंबा जाम
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। डंपर के पहियों के बीच फंसे विपिन कुमार के क्षत-विक्षत शव को निकालने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। क्राइम इंस्पेक्टर संजय कुमार राय, एसआई जगराम और सिपाही कमलेश ने पुलिसकर्मियों की मदद से शव को बाहर निकाला और तुरंत ई-रिक्शा के जरिए नवाबगंज सीएचसी भिजवाया। इस दर्दनाक हादसे के बाद नवाबगंज-मोहम्मदबाद मार्ग पर काफी देर तक लंबा जाम लगा रहा, जिसे पुलिस ने काफी प्रयास के बाद खुलवाया।

खुद थाने की तरफ भागा डंपर चालक, दरोगा ने रास्ते में दबोचा
हादसे के बाद गुस्साए लोगों की भीड़ से अपनी जान बचाने के लिए डंपर चालक खुद नवाबगंज थाने की तरफ दौड़ने लगा। थाना वहां से लगभग एक किलोमीटर दूर था। इसी बीच रास्ते से गुजर रहे दरोगा सत्यनारायण ने भाग रहे चालक को संदिग्ध हालत में देखकर रोका और अपनी बाइक पर बैठाकर थाने ले आए। एसआई सत्यनारायण ने बताया कि चालक ने खुद घटना की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस ने डंपर चालक को हिरासत में ले लिया है और डंपर को भी कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

रोजगार सेवक के घर में मचा कोहराम, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
जैसे ही विपिन कुमार की मौत की खबर उनके परिजनों को मिली, घर में चीख-पुकार मच गई। बदहवास परिजन तुरंत सीएचसी अस्पताल पहुंचे। मृतक विपिन कुमार अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। अस्पताल में मृतक की मां मीरा देवी, पत्नी नीलम, बेटियां अनामिका, अनुष्का, अनन्या और मासूम पुत्र युवराज के साथ-साथ छोटा भाई वरुण कुमार शव को देखकर बिलख-बिलख कर रोने लगे। रोजगार सेवक की इस तरह अचानक हुई मौत से पूरे हरदुआ गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।


















