शनिवार को जनपद फर्रुखाबाद के राजेपुर थाना क्षेत्र के गांव राई के पास सरसों के खेत में एक नवजात बच्ची लावारिस हालत में मिली। गांव के रहने वाले सिद्धार्थ जब अपने खेत की ओर जा रहे थे तभी उन्हें किसी बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। जब उन्होंने फसल के बीच जाकर देखा तो वहां एक नन्ही सी जान बिना कपड़ों के ठंड में ठिठुर रही थी।
112 पुलिस की मुस्तैदी : फरिश्ता बनकर पहुंची टीम
सिद्धार्थ और अन्य ग्रामीणों ने तुरंत इस बात की सूचना डायल 112 पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम बिना देरी किए मौके पर पहुंची और बच्ची को अपने संरक्षण में ले लिया। पुलिस टीम तुरंत बच्ची को लेकर लोहिया अस्पताल पहुंची। राजेपुर थाना अध्यक्ष ने पुष्टि की है कि बच्ची को समय रहते अस्पताल पहुंचा दिया गया है और अब पुलिस इस बात की तफ्तीश कर रही है कि आखिर इस मासूम को इस हालत में खेत में किसने छोड़ा।
अस्पताल में जिंदगी की जंग : डॉक्टरों ने बताई हालत गंभीर
लोहिया अस्पताल के महिला विंग स्थित स्पेशल न्यूबॉन केयर यूनिट (SNCU) में बच्ची का इलाज चल रहा है। ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों के अनुसार, बच्ची का जन्म हाल ही में हुआ है और उसका वजन लगभग 1.5 किलोग्राम है। डॉक्टर ने बताया कि बच्ची लगभग छह से सात महीने (Premature) की लग रही है। अस्पताल लाने पर बच्ची का शरीर पूरी तरह ठंडा पड़ चुका था और उसकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम उसे बचाने की पूरी कोशिश कर रही है।
गांव में चर्चाओं का बाजार गर्म, पुलिस जांच में जुटी
खेत में नवजात बच्ची के मिलने की खबर पूरे इलाके में आग की तरह फैल गई है। गांव में लोग इस अमानवीय कृत्य को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। आखिर वो कौन से निर्दयी माता-पिता थे जिन्होंने अपनी संतान को इस तरह मरने के लिए छोड़ दिया?


















