फर्रुखाबाद : फतेहगढ़ सेंट्रल जेल में संदिग्ध परिस्थितियों में कैदी ने फंदा लगा की आत्महत्या – पास्को एक्ट में आजीवन सजा काट रहा था

शुक्रवार को जनपद फर्रुखाबाद के केंद्रीय कारागार फतेहगढ़ में आजीवन कारावास की सजा काट रहे एक बंदी ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी का फंदा लगाकर जान दे दी। घटना के बाद जेल प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई।

कौन था मृतक बंदी

मृतक बंदी की पहचान थाना मेरापुर क्षेत्र के ग्राम सिलसिंडा निवासी रामकुमार राजपूत के 39 वर्षीय पुत्र प्रभाकर उर्फ प्रभात राजपूत के रूप में हुई है। बता दें कि प्रभाकर को नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में पास्को एक्ट के तहत फरवरी 2024 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद 24 मार्च 2024 को उसे सेंट्रल जेल फतेहगढ़ में निरुद्ध किया गया था।

फर्रुखाबाद
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कैसे हुई घटना

प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रभाकर की जेल के दरी कारखाने में काम करने की ड्यूटी लगी थी। दोपहर करीब 3:15 बजे उसने कारखाने के पास स्थित पुराने भवन में लोहे की रॉड से गमछे के सहारे फांसी लगाने का प्रयास किया। जेल कर्मियों ने समय रहते उसे नीचे उतारकर तुरंत इलाज के लिए भेजा।

अस्पताल में घोषित किया गया मृत

गंभीर हालत में बंदी को पहले जेल अस्पताल ले जाया गया, फिर वहां से लोहिया अस्पताल रेफर किया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद प्रभाकर को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया गया।

जेल प्रशासन का बयान

सेंट्रल जेल के वरिष्ठ अधीक्षक आशीष तिवारी ने बताया कि बंदी ने आत्महत्या की है। मामले की जांच कराई जा रही है और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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