फर्रुखाबाद में मंगलवार को यूजीसी के नए नियमों के विरोध में सवर्ण समाज का गुस्सा सड़कों पर देखने को मिला। स्वर्गीय ब्रह्मदत्त द्विवेदी स्टेडियम के बाहर बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष एकत्र हुए और कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकालकर विरोध जताया।

सुबह 10:30 बजे से जुटने लगे लोग, 11 बजे निकला मार्च
सुबह करीब साढ़े दस बजे से ही लोग स्टेडियम परिसर में इकट्ठा होने लगे। लगभग 11 बजे एक सैकड़ा से अधिक लोग बैनर-पोस्टर लेकर मार्च में शामिल हुए। महिलाओं ने मार्च की अगुवाई की, जबकि पीछे पुरुष नारेबाजी करते हुए आगे बढ़े।
“UGC वापस लो” के नारों से गूंजा शहर
प्रदर्शन के दौरान “यूजीसी नियम वापस लो”, “मोदी सरकार होश में आओ”, “तानाशाही नहीं चलेगी” जैसे नारे लगाए गए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि नए नियम सामान्य वर्ग के छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय हैं।

कलेक्ट्रेट पहुंचकर सौंपा राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन
कलेक्ट्रेट पहुंचने पर प्रदर्शनकारी कुछ देर गेट के बाहर बैठे रहे। इसके बाद वे परिसर में दाखिल होकर नारेबाजी करने लगे। सिटी मजिस्ट्रेट संजय कुमार बंसल मौके पर पहुंचे। पहले डीएम को ज्ञापन देने की मांग की गई, लेकिन अंत में राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा गया।

संविधान के अनुच्छेद 14 के उल्लंघन का आरोप
प्रदर्शन में शामिल संगठनों ने आरोप लगाया कि यूजीसी के नए नियम संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) का उल्लंघन करते हैं। उनका कहना है कि इन नियमों से सामान्य वर्ग को डिफॉल्ट रूप से दोषी माना जा रहा है।

छात्रों के भविष्य पर खतरे की चेतावनी
संगठनों ने दावा किया कि नए नियमों से सवर्ण समाज के छात्र-छात्राओं का करियर खतरे में पड़ सकता है। झूठी शिकायतों के आधार पर भविष्य खराब होने की आशंका जताई गई।

1 फरवरी को भारत बंद का ऐलान
राष्ट्रवादी ब्रह्म महासभा, श्री राजपूत करणी सेना सहित अन्य संगठनों ने 1 फरवरी को भारत बंद का ऐलान किया है और सरकार से यूजीसी के नए नियम तत्काल वापस लेने की मांग की है।



















