कायमगंज में नववर्ष के अवसर पर नगर में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश, कायमगंज के तत्वावधान में सी.पी. गेस्ट हाउस में भव्य विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह आयोजन वर्षों से लगातार हो रहा है और अब कायमगंज की सांस्कृतिक पहचान बन चुका है।

दूर-दराज से आए मशहूर कवि, हाल रहा खचाखच भरा
कवि सम्मेलन में कन्नौज, मथुरा, बदायूं, हाथरस, आगरा और लखनऊ समेत कई जिलों से आए जाने-माने कवियों ने शिरकत की। खचाखच भरे हाल में देर रात तक श्रोता कविता का आनंद लेते रहे। कड़ाके की ठंड के बावजूद साहित्य प्रेमियों का उत्साह देखने लायक रहा।

देशभक्ति, प्रेम और हास्य-व्यंग्य से सजी काव्य संध्या
कवियों ने प्रेम, देशभक्ति, सामाजिक मुद्दों, हास्य-व्यंग्य और श्रृंगार रस से भरपूर रचनाएं प्रस्तुत की। हर प्रस्तुति पर तालियों की गूंज और “वाह-वाह” के नारों से पूरा माहौल जीवंत हो उठा।

अनिल द्विवेदी से लेकर पूनम मिश्रा तक, सबने जीता दिल
कन्नौज से आए कवि अनिल द्विवेदी ने
“जा बार प्रधानी हम लड़िहैं” जैसी चर्चित पंक्तियों से खूब तालियां बटोरीं।
लखनऊ की पूनम मिश्रा ने भावुक प्रस्तुति देते हुए कहा—
“तेरे जैसा कतारों में नहीं है,
जो तुझ में है हजारों में नहीं है…”
संघर्ष और उम्मीद की कविताओं ने दिया जीवन संदेश
आगरा की निभा चौधरी ने संघर्ष और उम्मीद पर आधारित पंक्तियां पढ़ीं—
“मुसीबत भी होगी अंधेरे भी होंगे,
मगर जिंदगी में सवेरे भी होंगे…”
हाथरस के सर्जन शीतल ने श्रृंगार और आदर्श मूल्यों से जुड़ी रचनाओं से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।

कायमगंज के कवि पवन बाथम, देवेश दीक्षित और डॉ. सुनीत सिद्धार्थ ने भी अपनी सशक्त काव्य शैली से मंच को गरिमा प्रदान की। बदायूं के कमलकांत तिवारी और मथुरा के सबरस की रचनाओं ने भी कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।

इन गणमान्य लोगों का रहा विशेष सहयोग
कार्यक्रम को सफल बनाने में सत्यप्रकाश अग्रवाल, लक्ष्मी नारायण अग्रवाल, डॉ. मिथिलेश अग्रवाल, अरुण दुबे, डॉ. शरद गंगवार, डॉ. विकास शर्मा, अवनीश चतुर्वेदी, सुबोध गुप्ता, संजय गुप्ता, सतीश चंद्र अग्रवाल और अमित सेठ सहित कई समाजसेवियों और व्यापारियों का विशेष योगदान रहा।

बड़ी संख्या में पहुंचे साहित्य प्रेमी
इस मौके पर रामप्रकाश उर्फ कल्लू यादव, मनोज कौशल, अतुल गुप्ता, रश्मि दुबे, मधु गंगवार, आसिफ मंसूरी, बाबर खां, ऋषिपाल सिंह सिसौदिया समेत बड़ी संख्या में व्यापारी नेता, समाजसेवी और साहित्य प्रेमी मौजूद रहे।


















