कायमगंज में रेवेन्यू बार एसोसिएशन ने उठाई भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज, 14 तक रहेंगे न्यायिक कार्य से विरत

कायमगंज तहसील में भ्रष्टाचार के खिलाफ अधिवक्ताओं ने मोर्चा खोल दिया है। रेवेन्यू बार एसोसिएशन ने सोमवार को हुई बैठक में तहसील प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए 10 से 14 नवंबर तक न्यायिक कार्य का बहिष्कार करने का ऐलान किया है।

तहसील प्रशासन पर भ्रष्टाचार के आरोप

रेवेन्यू बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट बी.डी. यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में अधिवक्ताओं ने तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। अधिवक्ताओं का कहना है कि तहसीलदार और उप जिलाधिकारी स्तर पर रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार लगातार बढ़ता जा रहा है। उन्होंने बताया कि 3 नवंबर को तहसील प्रशासन को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक लिखित प्रार्थना पत्र दिया गया था, लेकिन अब तक किसी अधिकारी ने उस पर कोई कार्रवाई नहीं की है। यहां तक कि किसी अधिकारी ने अधिवक्ताओं से बातचीत तक जरूरी नहीं समझी।

अधिवक्ताओं में नाराजगी, लिया बहिष्कार का फैसला

बैठक में यह निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया कि अधिवक्ता 10 नवंबर से 14 नवंबर तक तहसीलदार और एसडीएम न्यायालयों का बहिष्कार करेंगे। इस दौरान वे किसी भी न्यायिक कार्य में भाग नहीं लेंगे। अधिवक्ताओं ने प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर हालात नहीं सुधरे तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

बैठक में शामिल रहे कई वरिष्ठ अधिवक्ता

बैठक में कैलाश चंद्र आर्य, माधव शुक्ला, सर्वेश कुमार यादव, अनोखे लाल शाक्य, विमल कुमार यादव, अवधेश कुमार, नीरज कुमार, सतीश चन्द्र, श्यामवीर सिंह, प्रदीप कुमार दीक्षित, रवीन्द्र कुमार सक्सेना, जगदीश चन्द्र, अमित कुमार, विशाल यादव, रविन्द्र कुमार यादव, अजय कुमार गुप्ता, सौरभ कुमार और मु. इलियास सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहे।

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!