Farrukhabad News : जनपद फर्रुखाबाद में किसानों को रबी की फसल की तैयारियों और खेती-किसानी के लिए उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रशासन ने खाद की आपूर्ति और वितरण व्यवस्था का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर के निर्देश पर विकास खंड कमालगंज की साधन सहकारी समितियों का निरीक्षण किया गया। जिला कृषि अधिकारी शैलेन्द्र कुमार वर्मा ने बताया कि जनपद में उर्वरकों की उपलब्धता पर्याप्त है और नियमित आपूर्ति जारी है।
समितियों पर खाद वितरण व्यवस्था का निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान कमालगंज, रजीपुर और खुदागंज की सहकारी समितियों की व्यवस्था देखी गई। अधिकारियों के अनुसार, कमालगंज और खुदागंज में डीएपी, एनपीके तथा पोटाश उपलब्ध थे। वहीं, रजीपुर में डीएपी और एनपीके का वितरण किया जा रहा था। अधिकारियों ने किसानों को खाद की उपलब्धता के बारे में जानकारी दी और वितरण व्यवस्था पर नजर रखी।
फर्रुखाबाद पहुंची 2500 मीट्रिक टन रैक
जिला कृषि अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद को कुल 2500 मीट्रिक टन रैक प्वाइंट खाद प्राप्त हुई है। इसमें 1500 मीट्रिक टन सहकारी समितियों और 1000 मीट्रिक टन निजी बिक्री केंद्रों के लिए है। इसमें से विभिन्न सहकारी समितियों और बिक्री केंद्रों तक खाद भेजी जा चुकी है, जबकि शेष मात्रा की लोडिंग जारी है। एक अन्य रैक से 1000 मीट्रिक टन डीएपी सहकारी क्षेत्र और 700 मीट्रिक टन निजी क्षेत्र के लिए मिलने की संभावना भी जताई गई है।
उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक, आपूर्ति जारी
बता दें कि जनपद में यूरिया 26,131 मीट्रिक टन, डीएपी 10,351 मीट्रिक टन, पोटाश 8,251 मीट्रिक टन, एनपीके 19,636 मीट्रिक टन और सिंगल सुपर फास्फेट 15,320 मीट्रिक टन उपलब्ध है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसानों की मांग के अनुसार उर्वरकों की आपूर्ति जारी है।
निर्धारित मूल्य पर बिक्री के निर्देश
सभी उर्वरक विक्रेताओं को स्टॉक और बिक्री का रिकॉर्ड नियमित रखने, निर्धारित मूल्य पर खाद बेचने तथा किसानों को बिक्री की रसीद देने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों से अपील की गई है कि खाद खरीदते समय आधार कार्ड, खतौनी और फार्मर आईडी साथ रखें। किसी भी समस्या या निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली की शिकायत जिला कृषि अधिकारी कार्यालय के कंट्रोल रूम नंबर 05692-297733 पर कार्यदिवस में दर्ज कराई जा सकती है। अधिकारियों ने किसानों को डीएपी के विकल्प के रूप में एनपीके, सिंगल सुपर फास्फेट और टीएसपी के उचित उपयोग पर भी विचार करने की सलाह दी है।

























