नरौरा बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण फर्रुखाबाद जिले में गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ0 अंकुर लाठर ने कायमगंज तहसील के शमसाबाद विकासखंड अंतर्गत आने वाले बाढ़ प्रभावित गांवों का धरातल पर पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने सबसे पहले अजीजाबाद गांव का रुख किया, जहां बाढ़ की चपेट में आए परिवारों से सीधी बातचीत की। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और मौके पर ही 50 प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री किट वितरित की।
स्वास्थ्य, सफाई और शिक्षा को लेकर कड़े दिशा-निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा की इस घड़ी में आमजन को कोई असुविधा न हो। उन्होंने स्वास्थ्य और पशु चिकित्सा विभाग को निर्देश दिया कि हर तीन दिन के अंतराल पर प्रभावित गांवों में विशेष चिकित्सा शिविर आयोजित किए जाएं। इसके साथ ही गांव में दवाओं व कीटनाशकों के छिड़काव, शुद्ध पेयजल आपूर्ति और बेसिक शिक्षा अधिकारी के जरिए बच्चों की पढ़ाई जारी रखने की व्यवस्था करने के कड़े निर्देश जारी किए।

शरणालय और ढाई घाट पर व्यवस्थाओं का लिया जायजा
इसके बाद जिलाधिकारी ने शमसाबाद मंडी स्थित शरणालय स्थल और ढाई घाट का रुख किया। मंडी शरणालय में उन्होंने पेयजल, भोजन, प्रकाश, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्थाओं का बारकी से निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि संवेदनशील इलाकों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाए और नावों, नाविकों व बचाव टीमों को अलर्ट मोड पर रखा जाए। उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें।


























