उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच आम जनता और व्यापारियों को बिजली का एक और तगड़ा झटका लगा है। बिजली बिलों में 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार (फ्यूल सरचार्ज) बढ़ाए जाने की घोषणा के बाद जनता में भारी आक्रोश है। इस मनमाने फैसले के खिलाफ शुक्रवार को फर्रुखाबाद में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश (पंजीकृत) ने मोर्चा खोल दिया है। जिला अध्यक्ष संजय गुप्ता के नेतृत्व में बड़ी संख्या में एकजुट हुए व्यापारियों ने इस फैसले को आम जनता की जेब पर डाका करार दिया है। व्यापारियों का कहना है कि पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे लोगों पर यह अतिरिक्त बोझ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

चेयरमैन को भेजा ज्ञापन, मनमानी रोकने की मांग
बिजली दरों में इस औचक बढ़ोतरी के विरोध में व्यापारियों ने उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत नियामक आयोग, लखनऊ के चेयरमैन को संबोधित एक शिकायती पत्र फर्रुखाबाद के अधीक्षण अभियंता (SE) को सौंपा। ज्ञापन देते हुए जिला अध्यक्ष संजय गुप्ता ने कहा कि बिजली विभाग ने इस ईंधन अधिभार को लागू करने से पहले नियामक आयोग से उचित अनुमति भी नहीं ली है। यह सीधा-सीधा नियमों का उल्लंघन है और उपभोक्ताओं के साथ धोखा है। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि अगर इस जनविरोधी फैसले को तुरंत वापस नहीं लिया गया, तो वे चुप नहीं बैठेंगे और उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

फिक्स चार्ज और ड्यूटी से पहले ही बेहाल है जनता
प्रदर्शन के दौरान प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोज कौशल और महिला जिला अध्यक्ष रश्मि दुबे ने बिजली विभाग की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि घरेलू और औद्योगिक बिजली बिलों में पहले से ही भारी-भरकम ‘फिक्स चार्ज’ वसूला जा रहा है। इसके अलावा कमर्शियल (एलएमवी-2) कनेक्शनों पर फिक्स चार्ज के साथ-साथ मिनिमम चार्ज भी थोपा जा रहा है। रही-सही कसर बिलों में जोड़ी जाने वाली 7.5% इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी पूरी कर देती है। ऐसे में बीच सत्र में बिना किसी सार्वजनिक सुनवाई के अचानक 10% ईंधन अधिभार बढ़ाना पूरी तरह से नाजायज और अलोकतांत्रिक है।

महंगाई की मरेगी मार, ठप हो जाएंगे उद्योग-धंधे
व्यापारिक नेताओं ने साफ कहा कि इस अचानक की गई बढ़ोतरी से उत्तर प्रदेश के उद्योग और व्यापार पूरी तरह से तबाह हो जाएंगे। माल तैयार करने की लागत बढ़ेगी, जिससे बाजार में हर चीज महंगी हो जाएगी और इसका सीधा असर आम जनता की थाली पर पड़ेगा। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान संगठन की महिला जिला महामंत्री रमला राठौर, वरिष्ठ जिला महामंत्री अभय कठेरिया, जिला महामंत्री शिवकुमार शाक्य, नगर महामंत्री संजीव अग्रवाल, जिला उपाध्यक्ष लखपति सक्सेना और अनुराग सहित भारी संख्या में स्थानीय व्यापारी और पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी ने एक सुर में इस 10% की बढ़ोतरी को तुरंत समाप्त करने के आदेश जारी करने की मांग की है।


















