फर्रुखाबाद : 10 लाख के कर्जदार बेटे ने मां के साथ मिलकर रची खुद की लूट की झूठी स्क्रिप्ट, पुलिस ने दबोचा

जनपद फर्रुखाबाद से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पुलिस प्रशासन के भी होश उड़ा दिए। दरअसल, 1 जून 2026 को मसेनी निवासी राहुल शुक्ला ने राजेपुर थाने में एक तहरीर दी। उसने आरोप लगाया कि जब वह अपनी मां अनीता शुक्ला के साथ बाइक से जलालाबाद जा रहा था, तभी इटावा-बरेली हाईवे पर रामगंगा पुल के पास दो अज्ञात बाइक सवारों ने उसकी मां के गले से सोने की चैन झपट ली और रफूचक्कर हो गए। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

40 CCTV कैमरों की फुटेज और खाकी का तगड़ा एक्शन

​थानाध्यक्ष नागेंद्र सिंह के निर्देशन में पुलिस टीम ने जब इस कथित हाई-प्रोफाइल लूट की गुत्थी सुलझानी शुरू की, तो नजारा कुछ और ही निकला। पुलिस ने हाईवे और आसपास के करीब 40 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद भी पुलिस के हाथ ऐसा कोई सुराग या साक्ष्य नहीं लगा जो चैन लूट की इस वारदात की गवाही देता हो। यहीं से पुलिस का शक गहरा गया।

कड़ाई से पूछताछ में खुला ’10 लाख के कर्ज’ का गंदा खेल

​जब उपनिरीक्षक आशुतोष कुमार और पुलिस टीम ने शिकायतकर्ता राहुल शुक्ला के बयानों का मिलान किया, तो उसमें भारी विरोधाभास मिला। पुलिस के तीखे सवालों के आगे आरोपी बेटा ज्यादा देर टिक नहीं सका और उसने सच उगल दिया। राहुल ने कबूला कि उस पर लगभग 10 लाख रुपये का भारी कर्ज था। इस कर्ज के दबाव से बचने और लोगों को गुमराह करने के लिए उसने अपनी मां के साथ मिलकर इस झूठी लूट का पूरा ताना-बाना बुना था।

सलाखों के पीछे पहुंचा शातिर दिमाग, पुलिस की सख्त चेतावनी

​सच्चाई सामने आते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी राहुल शुक्ला को डाबड़ी के निकट से धर दबोचा। पुलिस ने उसके खिलाफ शांति भंग की धाराओं में चालान कर जेल भेज दिया है। इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए थानाध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि पुलिस को गुमराह करने वालों और झूठी सूचना देकर सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

फर्रुखाबाद दर्पण
फर्रुखाबाद दर्पण
Amar Agnihotri
Author: Amar Agnihotri

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