फर्रुखाबाद : बैंक कर्ज और मुकदमों से चाहिए आजादी? 9 मई को लोक अदालत में होगा ‘ऑन द स्पॉट’ फैसला!

अगर आप बैंक के कर्ज या पुराने कानूनी विवादों के चक्कर में फंसे हैं, तो आपके लिए राहत भरी खबर है। फर्रुखाबाद में आगामी 9 मई को राष्ट्रीय लोक अदालत का बड़ा आयोजन होने जा रहा है। इस अदालत का मुख्य उद्देश्य लोगों को लंबे समय से चल रहे कोर्ट-कचहरी और बैंक लोन के विवादों से बिना किसी भागदौड़ के समझौता कराकर आजादी दिलाना है। विभिन्न बैंकों ने इस बार रिकॉर्ड 1473 मामलों को चिन्हित किया है, जिनका निस्तारण आपसी सहमति के आधार पर किया जाएगा।

एडीआर भवन में हुई हाई-लेवल मीटिंग, अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

लोक अदालत की तैयारियों को धार देने के लिए सोमवार को एडीआर (ADR) भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता प्रभारी जनपद न्यायाधीश अभिनीतम उपाध्याय के निर्देशन में नोडल अधिकारी और अपर जिला जज संजय कुमार ने की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि लोक अदालत का मकसद आम जनता को त्वरित न्याय दिलाना है। बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ज्यादा से ज्यादा कर्जदारों से संपर्क करें ताकि सुलह-समझौते के जरिए मामलों को मौके पर ही खत्म किया जा सके।

इन दिग्गज बैंकों के मैनेजरों ने कसी कमर, समझौते की तैयारी पूरी

बैठक के दौरान प्राधिकरण की सचिव बिंदिया भटनागर ने बताया कि लोक अदालत में बैंक ऑफ बड़ौदा, पीएनबी, एक्सिस बैंक और ग्रामीण बैंक जैसे बड़े संस्थानों के मामले प्राथमिकता पर रहेंगे। इस दौरान बैंक ऑफ बड़ौदा के मैनेजर शैलेंद्र प्रताप सिंह, लीड बैंक मैनेजर विवेक कुमार और पंजाब नेशनल बैंक के सुनील कुमार यादव सहित कई बड़े अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों का कहना है कि यह एक ‘विन-विन’ स्थिति है, जहां बैंक और ग्राहक दोनों मिलकर विवाद खत्म कर सकते हैं।

फर्रुखाबाद दर्पण
फर्रुखाबाद दर्पण
Amar Agnihotri
Author: Amar Agnihotri

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