जनपद फर्रुखाबाद की सदर तहसील में उस समय हड़कंप मच गया जब एंटी करप्शन टीम ने राजस्व निरीक्षक (RI) विमल कुमार श्रीवास्तव को उनके आवास से रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। रिश्वतखोरी के इस मामले में प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए विमल कुमार श्रीवास्तव को तुरंत सस्पेंड कर दिया है। इनके साथ एक अन्य व्यक्ति पवन सक्सेना को भी हिरासत में लिया गया है। इस कार्रवाई ने विभाग में भ्रष्टाचार करने वालों की नींद उड़ा दी है।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही गिरी गाज
कायमगंज तहसील में तैनात राजस्व निरीक्षक विजय पाल सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा था। इस वीडियो में वह नियमों की धज्जियां उड़ाते और अनुचित व्यवहार करते नजर आ रहे थे। मामला जैसे ही जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर के संज्ञान में आया, उन्होंने जांच के आदेश दिए। जांच में दोषी पाए जाने पर विजय पाल सिंह को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।
काम में ढिलाई और लापरवाही पर लेखपाल और VDO नपे
सिर्फ भ्रष्टाचार ही नहीं, बल्कि जनता के काम में देरी करने वालों पर भी गाज गिरी है। अमृतपुर तहसील के लेखपाल उत्कर्ष दुबे को पैमाइश के काम में बेवजह देरी और लापरवाही के चलते सस्पेंड किया गया है। वहीं, ग्राम विकास अधिकारी मानेंद्र सिंह ने शौचालय केयरटेकर का भुगतान लटका रखा था। काम में शिथिलता बरतने पर उन्हें भी निलंबित कर दिया गया है।
DM की दो टूक : भ्रष्टाचार किया तो खैर नहीं!
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि जनपद में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति लागू रहेगी। उन्होंने कहा कि जनता को परेशान करने वाले या काम में लापरवाही बरतने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य पारदर्शी और ईमानदार व्यवस्था देना है। उन्होंने सभी कर्मचारियों को ईमानदारी से काम करने की सख्त हिदायत दी है।



















