जनपद फर्रुखाबाद के शमशाबाद स्थित ढाई घाट से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक मां ने अपने दो मासूम बच्चों को गंगा नदी में फेंक दिया और खुद भी छलांग लगा दी। गनीमत रही कि मौके पर मौजूद NDRF टीम ने समय रहते तीनों की जान बचा ली।

ढाई घाट पुल से फेंके गए बच्चे, खिलौने लेने गया था पति
गुरुवार की दोपहर नवाबगंज निवासी जितेंद्र कुमार अपनी पत्नी अर्चना और बच्चों के साथ हरदोई से वापस लौट रहे थे। रास्ते में फर्रुखाबाद के ढाई घाट गंगा पुल पर मेला लगा था। जितेंद्र बच्चों के लिए खिलौना लेने पुल के नीचे मेले में चला गया, जबकि अर्चना बच्चों के साथ पुल पर खड़ी थी। तभी अचानक उसने 3 साल की आशिका और 1 साल के आशीष को गंगा में फेंक दिया और खुद भी छलांग लगा दी।

NDRF की टीम ने दिखाई फुर्ती, स्टीमर से बचाया तीनों को
पुल पर मौजूद लोगों ने जब बच्चों को नदी में गिरते देखा तो शोर मचा दिया। पास में तैनात NDRF टीम ने तुरंत रेस्क्यू शुरू किया। टीम के देवेंद्र बहादुर सिंह और उनकी 8 सदस्यीय टीम ने स्टीमर की मदद से तीनों को सुरक्षित बाहर निकाला और तुरंत CHC शमशाबाद पहुंचाया।

महिला बोली — बच्चे बहुत रोते थे, इसलिए फेंक दिया
डॉक्टरों ने बताया कि मां और दोनों बच्चे अब खतरे से बाहर हैं। जब पुलिस ने महिला अर्चना से इस घटना का कारण पूछा तो उसने कहा, “बच्चे बहुत रोते हैं, इसलिए फेंक दिया। सोचा, मैं भी मर जाऊं।” अर्चना ने साफ किया कि उसे किसी तरह की पारिवारिक या आर्थिक परेशानी नहीं है।

पति ने कहा — पलभर में सब कुछ खत्म हो गया
पति जितेंद्र ने बताया, “मैं बच्चों के लिए खिलौना लेने नीचे गया था। तभी किसी ने बताया कि एक महिला ने बच्चों को गंगा में फेंक दिया है। जब तक मैं पहुंचा, NDRF टीम उन्हें बाहर निकाल चुकी थी।”













