गुरुवार को शकुन्तला देवी बालिका इंटर कॉलेज में कानून से जुड़ा एक खास कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी (सीओ) राजेश कुमार द्विवेदी और प्रभारी निरीक्षक मोहम्मद कामिल खान ने छात्राओं को देश में लागू हुए नए कानूनों — भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय न्याय सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य संहिता (BSA) — के बारे में सरल भाषा में जानकारी दी।

छात्राओं को बताया नए कानूनों का महत्व
अधिकारियों ने समझाया कि ये नए कानून पुराने IPC, CrPC और Evidence Act की जगह ले चुके हैं। अब न्याय व्यवस्था को तेज, पारदर्शी और डिजिटल युग के अनुरूप बनाया गया है। उन्होंने बताया कि नए कानूनों में महिलाओं की सुरक्षा, साइबर अपराध और त्वरित न्याय से जुड़ी धाराओं को और मजबूत किया गया है, ताकि आम लोगों को न्याय जल्दी मिल सके।

छात्राओं को मिला कानूनी आत्मविश्वास
सीओ राजेश द्विवेदी ने कहा कि कानून केवल सज़ा देने का नहीं, बल्कि सुरक्षा और समानता बनाए रखने का माध्यम है। उन्होंने छात्राओं को प्रेरित किया कि वे अपने अधिकारों को जानें और किसी भी गलत परिस्थिति में डरने के बजाय कानूनी मदद लें। उन्होंने बताया कि कानून की जानकारी हर नागरिक के लिए जरूरी है, खासकर युवाओं के लिए।

महिला सुरक्षा पर दिया विशेष जोर
प्रभारी निरीक्षक मोहम्मद कामिल खान ने छात्राओं से कहा कि “आज की लड़कियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, लेकिन आत्मरक्षा के लिए कानून की जानकारी सबसे बड़ा हथियार है।” उन्होंने छात्राओं को महिला हेल्पलाइन नंबर 1090, 112 और 181 जैसी सेवाओं की जानकारी दी और समझाया कि किसी भी स्थिति में तुरंत मदद कैसे ली जा सकती है।

विद्यालय परिवार ने जताया आभार
विद्यालय के प्रधानाचार्य सुतीक्ष्ण श्रीवास्तव और शिक्षिका सिल्की मिश्रा ने अधिकारियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से छात्राओं में कानूनी जागरूकता और आत्मविश्वास दोनों बढ़ते हैं। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं ने समाज में कानून की जानकारी फैलाने का संकल्प लिया।












