जनपद फर्रुखाबाद के अमृतपुर थाना क्षेत्र के गांव लीलापुर निवासी सुबोध की 7 साल की पुत्री शिवांगी सुबह अपने घर से महज 50 मीटर दूर भोले बाबा मंदिर के पास दूसरे बच्चों के साथ खेल रही थी। तभी वहां अचानक एक भारी-भरकम बिजली का खंभा भरभराकर सीधे बच्ची के ऊपर गिर गया। खंभे की चपेट में आते ही मासूम गंभीर रूप से घायल हो गई और मौके पर चीख-पुकार मच गई।

तीन साल से ‘मौत’ बनकर टिके थे खंभे
इस हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ग्रामीणों के मुताबिक, मंदिर परिसर के पास सौभाग्य योजना के तहत करीब तीन साल पहले ये बिजली के खंभे लाकर उतारे गए थे। आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों ने इन भारी खंभों को सुरक्षित तरीके से रखने के बजाय, लकड़ियों के सहारे बेहद अस्थायी रूप से टिकाकर छोड़ दिया था। प्रशासन और ठेकेदार की यही लापरवाही आज एक हंसते-खेलते परिवार की तबाही का कारण बन गई।

अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने घोषित किया मृत
हादसे के फौरन बाद परिजन और गांव वाले खून से लथपथ बच्ची को आनन-फानन में इलाज के लिए एक निजी अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने बच्ची को बचाने की हर मुमकिन कोशिश की, लेकिन बुधवार देर रात करीब दो बजे डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बच्ची की मौत की खबर सुनते ही मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है। इस मामले में थाना प्रभारी दर्शन सिंह सोलंकी ने बताया कि घटना की तहरीर मिलते ही लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



















