सोमवार को जनपद फर्रुखाबाद में राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जमकर हंगामा किया। कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद भारी भीड़ ने बिहार पुलिस के खिलाफ तीखी नारेबाजी की और सीधे महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। मोर्चा का सीधा आरोप है कि बिहार में हुआ भारत तिवारी का एनकाउंटर पूरी तरह से फर्जी है और यह सीधे-सीधे कानून की धज्जियां उड़ाने जैसा मामला है।
‘संविधान की हत्या बर्दाश्त नहीं’ – जिलाध्यक्ष अभिषेक दुबे ने खोला मोर्चा
जिलाध्यक्ष अभिषेक दुबे के नेतृत्व में जुटे सैकड़ों पदाधिकारियों ने इस कार्रवाई को पूरी तरह गैर-कानूनी बताया। उन्होंने बेहद तल्ख लहजे में सवाल उठाया कि जब भारत तिवारी ने पहले ही सरेंडर कर दिया था, तो फिर बिहार पुलिस को उसकी जान लेने का हक किसने दिया? ज्ञापन में साफ कहा गया है कि यह एनकाउंटर नहीं, बल्कि खाकी की आड़ में सरेआम संविधान की हत्या है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए यह लड़ाई अब आर-पार की हो चुकी है।

दिग्गजों की कतार, दोषी पुलिसवालों को जेल भेजने की जिद
इस बड़े प्रदर्शन में जिला प्रभारी देवेश नारायण अवस्थी, जिला मंत्री डॉ. अमित अवस्थी और सनी तिवारी समेत जिले के कई कद्दावर चेहरे शामिल रहे। वहीं विधिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष एडवोकेट विनय शुक्ला और जिला उपाध्यक्ष एडवोकेट अरुण दुबे ने भी पुलिसिया कार्रवाई पर गंभीर कानूनी सवाल खड़े किए। प्रदर्शन में नानकराम दुबे, शिवम वाजपेयी, अरुण मिश्रा, नितिन दुबे, फतेहगढ़ नगर अध्यक्ष एडवोकेट दीपक गुप्ता, डॉ. प्रवीण कुमार त्रिपाठी और अनुज दुबे सहित भारी संख्या में लोग मौजूद रहे। सभी ने एक सुर में दोषी पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की मांग की है।



















