शनिवार की रात जनपद फर्रुखाबाद के कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव चिल्सरी गांव में एक 30 वर्षीय युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में आम के बाग में फंदे से लटका मिला। शव पूरी तरह खून से लथपथ था, जिसे देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि वारदात को कितनी बेरहमी से अंजाम दिया गया है। बाग में शव मिलने की खबर आग की तरह फैल गई और देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

गवाही का बदला! मुख्य गवाह को रास्ते से हटाया
मृतक की पहचान चिल्सरी गांव निवासी कर्मवीर शाक्य के 30 वर्षीय बेटे दीपचंद के रूप में हुई है। दीपचंद का शव गांव के ही बीरबल के आम के बाग में पेड़ से लटका मिला। इस खौफनाक वारदात के बाद मृतक के परिजनों ने गांव के ही महेश जाटव के पुत्र रोहित उर्फ भीमा और उसके एक साथी पर हत्या का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि रोहित ने पहले गांव के ही झम्मनलाल की कुएं में धकेलकर हत्या कर दी थी। दीपचंद उस हत्याकांड का मुख्य गवाह था। इसी गवाही से बौखलाकर रोहित ने दीपचंद को रास्ते से हटाने के लिए इस खौफनाक साजिश को अंजाम दिया।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, आरोपी ने खुद कबूला जुर्म
बता दें कि आरोपी रोहित उर्फ भीमा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इस वायरल वीडियो में आरोपी खुद यह कबूल करता नजर आ रहा है कि उसने ही गांव के दीपचंद की बेरहमी से हत्या की है। परिजनों के मुताबिक, पुलिस रोहित और उसके साथी को हिरासत में लेकर अपने साथ ले गई है। ग्रामीणों का कहना है कि रोहित बेहद शातिर और खूंखार किस्म का अपराधी है। वह दो साल पहले ही जमानत पर बाहर आया था, लेकिन बाहर आते ही उसने फिर से एक बड़ी वारदात को अंजाम दे डाला।
खूंखार है आरोपी, अपनों पर भी कर चुका है जानलेवा हमला
ग्रामीणों में आरोपी रोहित उर्फ भीमा को लेकर भारी आक्रोश और डर का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि रोहित का आपराधिक इतिहास काफी पुराना और डरावना है। वह न सिर्फ गांव के लोगों के लिए, बल्कि अपने परिवार के लिए भी सिरदर्द बना हुआ था। इससे पहले वह अपनी सगी बहन पर हंसिया से जानलेवा हमला कर चुका है। इसके अलावा, उसने गांव ममापुर निवासी सुधीर यादव पर भी दराती से हमला कर उसे जान से मारने की कोशिश की थी, जिसमें वह काफी समय तक फरार चल रहा था।

घर का बुझा चिराग, बिलख पड़ा मासूम और परिवार
दीपचंद की मौत के बाद परिजनों ने रोते हुए बताया कि दीपचंद की शादी 9 साल पहले मधु नाम की युवती से हुई थी, प्रसव के महज तीन दिन बाद ही मधु की मौत हो गई थी। दीपचंद के पीछे अब उसका 7 साल का मासूम बेटा नीतेश रह गया है, जिसके सिर से अब पिता का साया भी उठ गया। दीपचंद के तीन भाई शिवोज, अनुज, आयुष और एक बहन किरण का रो-रोकर बुरा हाल है। जवान बेटे को खो चुकी मां मंजू के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।

जांच में जुटे आला अधिकारी
हत्याकांड की खबर मिलते ही इलाके में तनाव को देखते हुए क्षेत्राधिकारी राजेश कुमार द्विवेदी और कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार शुक्ला भारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया और साक्ष्य जुटाए। अधिकारियों ने परिजनों को ढांढस बंधाया और सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।



















