फर्रुखाबाद में बढ़ते सड़क हादसे प्रशासन के लिए सिरदर्द बन गए हैं। कलेक्ट्रेट सभागार में हुई जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में जिलाधिकारी डॉ० अंकुर लाठर ने साफ़ कर दिया कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल 2026 में हादसों में 11.11% की बढ़ोत्तरी हुई है। हालांकि, राहत की बात यह रही कि मृतकों की संख्या में कमी आई है, लेकिन DM ने पुलिस और परिवहन विभाग को सड़कों पर उतरकर सघन चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
अंधेरे में डूबे नेशनल हाईवे और प्रशासन की नाराजगी
नेशनल हाईवे पर बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को लेकर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि रात के अंधेरे में खराब लाइटें हादसों की मुख्य वजह बन रही हैं। संबंधित अधिकारियों को अल्टीमेटम देते हुए उन्होंने कहा कि स्ट्रीट लाइटें तुरंत ठीक कराई जाएं, वरना जिम्मेदार अधिकारी पर गाज गिरना तय है। इसके साथ ही फतेहगढ़-कानपुर मार्ग पर सड़कों के किनारे बढ़ी झाड़ियों और पेड़ों की टहनियों को भी तुरंत छंटवाने के आदेश दिए गए हैं ताकि रिफ्लेक्टर साफ नजर आ सकें।
15 दिन का अल्टीमेटम : स्पीड ब्रेकर और व्हाइट पेंटिंग
जमापुर मोड़ पर हुए हालिया हादसे के बाद जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। जिलाधिकारी ने 15 दिनों के भीतर सभी लिंक रोड जंक्शनों पर स्पीड ब्रेकर बनाने और उन पर चमकने वाली व्हाइट पेंटिंग करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही, ऑटो और तिपहिया वाहनों की मनमानी पर लगाम कसने के लिए पुलिस को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। 12 नए ‘ब्लैक स्पॉट’ चिन्हित किए गए हैं, जिनका सर्वे कर जल्द ही सुरक्षा के इंतजाम पुख्ता किए जाएंगे।
लापरवाह ड्राइवरों का लाइसेंस होगा रद्द
सड़क सुरक्षा को लेकर अब सख्ती और बढ़ेगी। DM ने निर्देश दिया है कि मोटर वाहन अधिनियम की धारा-19 के तहत खतरनाक ड्राइविंग करने वालों के लाइसेंस रद्द किए जाएं। परिवहन विभाग ने एक ड्राइवर का लाइसेंस रद्द कर इसकी शुरुआत भी कर दी है। साथ ही, अब हर हादसे का डेटा iRAD/eDAR ऐप पर 100% फीड करना अनिवार्य होगा ताकि हादसों के पैटर्न को समझा जा सके। बैठक में SP आरती सिंह सहित जिले के तमाम बड़े अधिकारी मौजूद रहे।



















