जनपद फर्रुखाबाद के कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव उलियापुर में रविवार को भैंसा चोरी की एक पुरानी रंजिश ने हिंसक मोड़ ले लिया। मामूली विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया, जिसमें बांकेलाल नाम के युवक की जान चली गई। घटना के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है और पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। रविवार को जौरा रोड स्थित एक गोदाम में दो पक्षों के बीच शुरू हुई कहासुनी ने जल्द ही मारपीट का रूप ले लिया, जिसमें बांकेलाल और उनका भाई राजकुमार गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम, परिजनों का फूटा गुस्सा
घायल बांकेलाल की हालत बिगड़ने पर उन्हें तत्काल लोहिया अस्पताल रेफर किया गया था, लेकिन बदकिस्मती से उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। युवक की मौत की खबर जैसे ही गांव और परिजनों तक पहुंची, लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और कोतवाली में जमकर हंगामा किया। सोमवार सुबह से ही मृतक के घर पर भारी भीड़ जमा है और माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है।

13 लोगों पर केस दर्ज, पुलिस छावनी में तब्दील हुआ गांव
मृतक के भाई विपिन की तहरीर पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने गोदाम मालिक संजय अग्रवाल सहित 13 नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों की लिस्ट में जितेंद्र, पुष्पेंद्र, शनि, जौली, सुनील सूरज जैसे नाम शामिल हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया है। गांव में शांति बनाए रखने के लिए कंपिल, शमशाबाद, मेरापुर और कायमगंज थानों की पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है।

गिरफ्तारी की मांग पर अड़े परिजन : अंतिम संस्कार से इनकार
परिजनों ने साफ कर दिया है कि जब तक सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक वे बांकेलाल का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। परिजनों का कहना है कि उन्हें इंसाफ चाहिए और दोषियों को सलाखों के पीछे देखना चाहते हैं। फिलहाल, पुलिस के आला अधिकारी परिजनों को समझाने-बुझाने और शांति व्यवस्था बनाए रखने की कोशिशों में जुटे हैं, जबकि आरोपियों की धरपकड़ के लिए कई टीमें गठित कर दी गई हैं।



















