शनिवार की दोपहर जनपद फर्रुखाबाद के कम्पिल थाना क्षेत्र के गांव नुनेरा में अचानक एक झोपड़ी से आग की ऊंची लपटें उठने लगीं। सड़क किनारे झोपड़ी डालकर रह रहे वरिष्ठ नागरिक और दिव्यांग सुरेश कश्यप अपनी पत्नी सुनीता के साथ आराम कर रहे थे। अचानक लगी अज्ञात आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया। गनीमत रही कि आग की तपिश महसूस होते ही दंपत्ति समय रहते बाहर निकल आए, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और दोनों की जान बाल-बाल बच गई।

चीख-पुकार सुनकर दौड़े ग्रामीण, पर सब कुछ हो गया खाक
जैसे ही झोपड़ी से धुआं और आग की लपटें दिखाई दीं, बुजुर्ग दंपत्ति ने शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर गांव वाले बाल्टियों में पानी और मिट्टी लेकर मौके पर पहुंचे, लेकिन पछुआ हवाओं के कारण आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को कुछ समझने का मौका ही नहीं मिला। देखते ही देखते सुरेश कश्यप का आशियाना उनकी आंखों के सामने राख के ढेर में तब्दील हो गया। ग्रामीणों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक अंदर रखा अनाज, कपड़े और गृहस्थी का सारा सामान जल चुका था।

मजदूरी कर पाल रहे थे पेट, अब दाने-दाने को मोहताज
पीड़ित सुरेश कश्यप ने बताया कि वह मजदूरी करके किसी तरह अपना और अपनी पत्नी का पेट पाल रहे थे। उनका बेटा भी हरियाणा में मजदूरी करता है। पीड़ित के अनुसार, इस अग्निकांड में लगभग एक लाख रुपये का नुकसान हुआ है। अब उनके पास न तो रहने को छत बची है और न ही खाने को अनाज। सूचना मिलने पर 112 नंबर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की। पीड़ित ने तहसील प्रशासन को लिखित सूचना देकर आर्थिक सहायता की मांग की है ताकि वे फिर से अपना सिर ढक सकें।



















